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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand के इस अस्‍पताल ने बदल दिया नियम, अब बिना आयुष्मान कार्ड के नहीं होगा निशुल्‍क इलाज

Published: Mon, 24 Jun 2024 12:14 AM (IST)

रांची के रिम्स में आयुष्मान योजना के लाभुकों को ही फ्री इलाज मिल सकेगा। इसके अलवा बाकी किसी भी मरीज ...और पढ़ें

Jharkhand के इस अस्‍पताल बिना आयुष्मान कार्ड के नहीं होगा इलाज
Jharkhand के इस अस्‍पताल बिना आयुष्मान कार्ड के नहीं होगा इलाज

HighLights

  1. रिम्स में 40 प्रतिशत से अधिक मरीजों के पास नहीं होता कार्ड
  2. प्रबंधन ने कहा योजना का लाभ उठाए लाभुक ताकि उन्हें न हो इलाज में दिक्कत
  3. निदेशक ने कहा देश के कई बड़े अस्पतालों में पूरी तरह निश्शुल्क सेवा उपलब्ध नहीं

जागरण संवाददाता, रांची। रिम्स में आयुष्मान योजना के लाभुकों को छोड़ अन्य किसी को भी निश्शुल्क सुविधा बंद करने की तैयारी है। रिम्स प्रबंधन इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।

निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया है कि निश्शुल्क की सुविधा वे बंद करने वाले हैं, जिन गरीबों ने अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनाया है, उन्हें बनवा लेना चाहिए ताकि इसका लाभ उन्हें मिल सके।

अभी कई ऐसे मरीज हैं जिनके पास आयुष्मान योजना का कार्ड तक नहीं है और उनका इलाज रिम्स में किया जाता है। लेकिन लगभग सभी मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है, जिसे लेकर कई बार प्रबंधन को शिकायत मिल चुकी है।

अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?

इस समस्या के निदान की जगह अब प्रबंधन इस सुविधा को ही बंद करने की तैयारी में है। हालांकि प्रबंधन का मानना है कि आयुष्मान योजना का लाभ अगर सभी जरूरतमंद ले लेते हैं, तो इससे उन्हें पांच लाख रुपये तक का इलाज में लाभ मिल सकेगा।

निदेशक बताते हैं कि सरकार की यह आज तक की सबसे बड़ी योजना है और इसका लाभ इन्हें उठाना चाहिए। ऐसे में मरीजों का बेहतर इलाज संभव हो सकेगा। दूसरी ओर रिम्स में भी कार्ड बनवाने की व्यवस्था है, जिसका लाभ उठाया जा सकता है।

रिम्स में करीब 40 प्रतिशत के पास नहीं है कार्ड

रिम्स के विभिन्न विभागों में भर्ती होने वाले करीब 40 प्रतिशत मरीजों के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं है। जबकि वे इस योजना की पात्रता रखते हैं। ऐसे में इन मरीजों को रिम्स से पूरी सुविधा नहीं मिल पाती। जबकि ऐसे मरीजों को हर दवा उपलब्ध कराने को लेकर प्रबंधन के पास कभी भी स्पष्ट जवाब नहीं रहा है।

कभी कुछ दवा दी जाती है और अधिकतर बार बाहर से हजारों रुपये की दवा इन्हें खरीदनी पड़ती है, जबकि सरकार की ओर से दी गई सुविधा में इन मरीजों को भोजन व दवा की व्यवस्था रिम्स प्रबंधन की ओर से ही किया जाना है। लेकिन अब नई व्यवस्था में बिना आयुष्मान कार्ड धारकों की मुश्किलेंं बढ़ सकती है।

आयुष्मान कार्ड धारकों को भी खरीदनी पड़ती है दवा

रिम्स के विभिन्न वार्ड में भर्ती आयुष्मान धारकों को भी दवा खरीदनी पड़ती है। इसे लेकर कई दैनिक जागरण ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की है। कई ऐसे मरीज भर्ती हैं जिनके पास कार्ड है लेकिन उन्हें इसका लाभ ही नहीं मिल रहा है, इनका कार्ड संख्या दर्ज ही नहीं किया गया।

जबकि कई मरीजों को किसी न किसी रूप में बाहर से दवा लानी पड़ रही है जिसका बिल भी वे दिखाते हैं। प्रबंधन की ओर से आयुष्मान मित्रों की बहाली करने की योजना थी, लेकिन अभी तक पूरी संख्या में बहाली नहीं हो सकी है। जिससे भी इन मरीजों को तत्काल लाभ नहीं मिल पाता।

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