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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyber Fraud: बहानेबाज साइबर ठग, जानें कैसे-कैसे बहाने बना लोगों को कर रहे Trap

Published: Sat, 19 Jul 2025 03:22 PM (IST)Updated: Sat, 19 Jul 2025 03:30 PM (IST)

शहर में साइबर अपराधी लगातार नए- नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस अब तक ...और पढ़ें

पुलिस साइबर ठगों पर नियंत्रण लगा पाने में सफल नहीं हो पाई है।
पुलिस साइबर ठगों पर नियंत्रण लगा पाने में सफल नहीं हो पाई है।

जागरण संवाददाता, रांची। Cyber अपराधी लगातार अलग-अलग तरकीब निकाल लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। लेकिन पुलिस अब तक इस पर नियंत्रण लगा पाने में सफल नहीं हो पाई है। 

साइबर ठगी के चार मामले सामने आए हैं, जिनमें करीब लाखों रुपये की ठगी की गई है। चारों पीड़ितों ने अपनी शिकायतें साइबर अपराध थाना में दर्ज कराई हैं। लेकिन ठगों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

ठगों ने Online  माध्यम से लोगों को फांसकर उनकी रकम ठग ली। पुलिस ने सभी मामलों में एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पिता-पुत्र से 1 लाख 60 हजार रुपये ठगे

साइबर थाना में संदीप सिंह (उम्र 47 वर्ष), निवासी अयोध्यापुरी रोड नंबर 3 निवासी ने एक लाख 60 हजार रुपये की ठगी कर लेने का मामला दर्ज कराया है।

संदीप ने पुलिस को बताया कि सुबह 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आया। काल करने वाला ने खुद को उनका रिश्तेदार बताया और कहा कि उसका मित्र रिम्स अस्पताल में भर्ती है। तत्काल आपरेशन होना है। भावनात्मक दबाव बनाते हुए उसने पैसे की मदद मांगी।

ठग ने संदीप सिंह को बरगलाया कि वह पहले 51 हजार और 49 हजार रुपये भेज रहा है। जो उनके खाते में क्रेडिट हो जाएंगे। इसके बाद उनसे क्यूआर कोड स्कैन कर राशि मरीज को ट्रांसफर करने को कहा गया।

पीड़ित ने भरोसे में आकर अपने और अपने बेटे यशोदीप सिंह के बैंक खातों से कुल 1 लाख 60 हजार रुपये भेज दिए। बाद में संदीप को पता चला कि उनके खाता में कोई पैसा नहीं आया है।

सेकेंड हैंड कार खरीदने के चक्कर में गंवा दिए 3.91 लाख रुपये

साइबर थाना में सुमन कुमार ने तीन लाख 91 हजार रुपये की ठगी होने का मामला दर्ज कराया है। सुमन ने पुलिस को बताया कि वह एक वेबसाइट कार देखो डाट काम पर सेकंड हैंड कार तलाश रहे थे। वहां उन्हें एक कार पसंद आई। जैसे ही उन्होंने उस पर इंटरेस्ट दिखाया, उसी दिन रात को उनके व्हाट्सएप नंबर पर कार और आरसी बुक की तस्वीरें भेजी गईं।

फोटो भेजने वाले ने खुद को राजेश कुमार कहते हुए एक मिलिट्री अफसर बताया। कार कोलकाता दमदम एयरपोर्ट में होने की बात कही गई और कहा गया कि मिलिट्री ट्रांसपोर्ट के जरिए गाड़ी होम डिलीवरी की जाएगी। इसके बाद ठग ने पैसा ले लिए और कोई कार नहीं मिली।

मोबाइल खोने के बाद खाता से निकल गए 1.88 लाख रुपये

साइबर थाना में मुनीष कुमार ने खाता से एक लाख 88 हजार रुपये की निकासी हो जाने का मामला  दर्ज करा है। मुनीष ने पुलिस को बताया कि बाजार करने के दौरान उसका मोबाइल गिर गया था। मोबाइल खोते ही खाता से पैसा निकलने लगा और तुरंत ही पूरा पैसा निकाल लिया गया।

व्हाट्सएप काल कर ठगे एक लाख रुपये

साइबर थाना में कृष्ण कांत पाठक ने एक लाख रुपये की ठगी हो जाने के मामला दर्ज कराया है। कृष्णकांत ने पुलिस को बताया कि श्रवण कुमार ने फोन किया और भावनात्मक रूप से झांसे में लेकर एक लाख रुपये ले लिए। पैसा लेने के बाद उसने संपर्क करना छोड़ दिया।