Ranchi News:सीओ,सीआइ और राजस्वकर्मियों पर FIR नियमसंगत नहीं, डीसी ने गृह विभाग को पत्र लिख बताए कारण
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने चुटिया थाना में तीन सीओ दो सीआइ और कई राजस्वकर्मियों पर दर्ज प्राथमिकी को नियमसंगत नहीं माना है। उन्होंने गृह विभाग को भेजे पत्र में अनुशंसा की है कि इस प्राथमिकी को निरस्त करने पर विचार किया जाए। डीसी का कहना है कि मामला प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले विभागीय अनुमति अनिवार्य है।

जागरण संवाददाता, रांची । रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने चुटिया थाना में तीन सीओ, दो सीआइ और कई राजस्वकर्मियों पर दर्ज प्राथमिकी को नियमसंगत नहीं माना है।
उन्होंने गृह विभाग को भेजे पत्र में अनुशंसा की है कि इस प्राथमिकी को निरस्त करने पर विचार किया जाए। डीसी का कहना है कि यह मामला प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले विभागीय अनुमति अनिवार्य होती है।
25 जुलाई को दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन अंचलाधिकारी रवींद्र कुमार, अरविंद कुमार ओझा, सुमन कुमार सौरभ, अंचल निरीक्षक कमलकांत वर्मा और अनिल कुमार गुप्ता समेत राजस्वकर्मी सुनील मिंज व मनोरथ भगत आरोपी बनाए गए हैं।
इसके अलावा चुटिया निवासी रवि गोप, नवनीत महतो, उनकी पत्नियों और अन्य अज्ञात सरकारी कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया।
शिकायतकर्ता गीता ज्ञानी ने आरोप लगाया था कि 83 वर्षीय नि:संतान महिला अस्तोरन देवी को बहला-फुसलाकर फर्जी डीड, नकली वंशावली और शपथ पत्र तैयार कर जालसाजी की गई।
मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआइटी) ने की थी। सीआइडी के संगठित अपराध के आइजी सुदर्शन प्रसाद मंडल के नेतृत्व में गठित इस टीम ने प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की थी। हालांकि, एसआइटी की रिपोर्ट में किसी भी सीओ का नाम दर्ज नहीं था।
डीसी ने अपनी अनुशंसा में कहा है...
- क्षेत्रीय पदाधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व प्रशासी विभाग की अनुमति आवश्यक है।
- राजस्व मामलों में आदेश के खिलाफ अपील और पुनरीक्षण की व्यवस्था है, जिसका पालन नहीं किया गया।
- सीधे प्राथमिकी दर्ज करने से सरकारी कर्मियों में भय का माहौल बन रहा है और विभागीय कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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