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    Hemant Soren News: हेमंत सोरेन के केस को चुनौती देने HC पहुंची ED की टीम, जांच एजेंसी ने दी यह दलील

    By Manoj Singh Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 05 Feb 2024 06:06 PM (IST)

    हेमंत सोरेन ने रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के अधिकारी कपिल राज देवव्रत झा अनुपम कुमार अमन पटेल व अन्य अज्ञात के विरुद्ध 31 जनवरी को एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सभी अधिकारी ईडी के जोनल कार्यालय रांची से संबंधित हैं। अब एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने के लिए ईडी की टीम झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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    Hemant Soren News: हेमंत सोरेन के केस को चुनौती देने HC पहुंची ED की टीम (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से ईडी के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में प्राथमिकी को नियमों के खिलाफ बताया गया है। कहा गया है कि इस तरह की प्राथमिकी जांच एजेंसियों के खिलाफ दर्ज नहीं कराई जा सकती है।

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    हेमंत सोरेन ने रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल व अन्य अज्ञात के विरुद्ध 31 जनवरी को एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सभी अधिकारी ईडी के जोनल कार्यालय रांची से संबंधित हैं।

    हेमंत सोरेन की प्राथमिकी में क्या कहा गया

    प्राथमिकी में कहा गया है कि ईडी के अधिकारियों ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक रांची में रहने के लिए कहा था और इसी बीच उनके दिल्ली स्थित आवास पर उनकी अनुपस्थिति में बिना पूर्व सूचना के छापेमारी कर दी। वे अनुसूचित जनजाति से आते हैं। उन्हें व उनके परिवार को ईडी के इस झूठे और बनावटी कृत्य से मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ना हुई है।

    वे आहत हुए हैं। ईडी के उपरोक्त अधिकारियों के माध्यम से मीडिया में भ्रम फैलाकर उन्हें आम जनता के बीच बदनाम करने की कोशिश की गई है। पूर्व सीएम ने यह भी लिखा है कि जब वे रांची आए तो उन्होंने विभिन्न मीडिया के माध्यम से 30 जनवरी को ईडी की दिल्ली स्थित झारखंड भवन, मुख्यमंत्री आवास में छापेमारी से संबंधित समाचारों को देखा। इससे उन्हें व उनके समुदाय को बदनाम करने की कोशिश हुई है। इसलिए पूरे मामले को निरस्त किया जाए।

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