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    Ranchi: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व अधिकारी और अन्य से जुड़ी 71.92 लाख की संपत्ति जब्त

    ईडी ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार और अन्य से जुड़ी 71.92 लाख रुपये की संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब्त की है। यह कार्रवाई 3.28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से संबंधित है। जब्त संपत्तियों में बैंक खाते और रांची के ओरमांझी में स्थित भूखंड शामिल हैं। इससे पूर्व ईडी ने आरोपितों की लगभग 31 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की थी।

    By Dilip Kumar Edited By: Piyush Pandey Updated: Thu, 24 Apr 2025 10:30 PM (IST)
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    खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    राज्य ब्यूरो, रांची। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) रांची के खाते से 3.28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है।

    ईडी ने आयोग के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार और अन्य से जुड़ी 71.92 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को अस्थाई रूप से जब्त किया है।

    जब्त संपत्तियों में सुनील कुमार के संबंधी शाहिल, अमन कुमार और प्रिया के बैंक खाते में पड़े 14.08 लाख रुपये और रांची के ओरमांझी में 57.84 लाख रुपये के दो भूखंड शामिल हैं। इन दोनों भूखंडों में एक भूखंड सुनील कुमार और दूसरा उनकी पत्नी सुनीता देवी के नाम पर है।

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    इससे पूर्व ईडी ने आरोपितों की लगभग 31 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इस प्रकार अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 1.02 करोड़ रुपये की जब्ती कर ली है। इस मामले में जांच अभी जारी है।

    ईडी ने सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग रांची के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार और अन्य पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी।

    दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि केवीआईसी रांची के राज्य कार्यालय में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई थी।

    केवीआईसी के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार ने अपने रिश्तेदारों शाहिल, अमन कुमार और प्रिया के साथ मिलकर साजिश रची थी। बिना किसी असली काम के केवीआईसी के खाते से 3.28 करोड़ रुपये की सरकारी राशि अपने और अपने रिश्तेदारों के निजी खातों में स्थानांतरित कर ली थी।

    इस रकम का इस्तेमाल सुनील कुमार और उनकी पत्नी सुनीता देवी के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने और लेन-देन के जरिए धन शोधन में किया गया था।

    सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा रांची में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

    खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की रांची इकाई के कुछ अधिकारियों के माध्यम से 3.28 करोड़ रुपये जारी करने के मामले में सीबीआई ने केवीआईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायक पर प्राथमिकी दर्ज की थी।

    अवैध निकासी का यह मामला 2016 से 2018 के बीच का था। आंतरिक जांच में गड़बड़ी उजागर होने के बाद यह मामला सीबीआई के पास गया था। इस संबंध में जांच एजेंसी ने चार व्यक्तियों तथा एक कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

    सीबीआई ने न्यायालय में जानकारी दी थी कि केवीआईसी के तत्कालीन उप निदेशक आरबी राम (अब मृत्यु हो चुकी है) और कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार ने कथित रूप से कुछ लोगों के साथ मिलकर साजिश रची और सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) सहित कंपनी की प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए संदिग्ध इकाइयों के लोगों को 3.28 करोड़ रुपये जारी किया था।

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