रांची, डिजिटल डेस्क। Dussehra 2022 पांच अक्टूबर यानी बुधवार को इसबार दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन रावण दहन की परंपरा रही है। झारखंड ही नहीं देश भर में लोग रावण का पुतला बनाकर दहन करेंगे। समारोह पूर्वक होने वाले इस आयोजन में लोग बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लेंगे। झारखंड के विभिन्न जिलों में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जगह-जगह रावण के पुतले बनाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर इन पुतलों का दहन करेंगे। रावण ही नहीं उसके साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी जलाए जाएंगे। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी भी होगी।

रांची में इसबार 70 फीट का रावण होगा

राजधानी रांची के मोराबादी मैदान में इस बार रावण की ऊंचाई 70 फीट होगी। वहीं कुंभकरण के पुतले की ऊंचाई 65 फीट होगी। जबकि मेघनाथ के पुतले की ऊंचाई 60 फीट होगी। इन पुतलों को बनाने का काम शुरू हो गया है। दर्जनों मजदूर इन पुतलों को बनाने में दिन रात जुटे हुए हैं। रांची में हर साल झारखंड के मुख्यमंत्री रावण का पुतला दहन करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन करेंगे। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में यहां लोग पहुंचेंगे।

धनबाद के सिंदरी में 65 फीट का रावण

झारखंड की कोयला नगरी धनबाद जिले के सिंदरी में इसबार 65 फीट का रावण बनाया गया है। यहां भव्य तरीके से रावण दहन का कार्यक्रम होता है। यहां इसबार रामलीला के कलाकार ही रावण, मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला जलाएंगे। इसके साथ ही धनबाद क्लब में 40 फीट ऊंचा रावण बनाया गया है। यहां धनबाद जिला उपायुक्त की मौजूदगी में रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न होगा। दोनों स्थानों पर वर्षों से दशहरा पर रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं।

देवघर के मधुपुर में 60 फीट का रावण

उधर, बाबानगरी यानी देवघर जिले के मधुपुर में वर्षों से रावण दहन का आयोजन होता आ रहा है। इस बार यहां 60 फीट का रावण बनाया जा रहा है। दर्जनों मजदूर इस काम में लगे हुए हैं। रावण दहन के साथ यहां पटाखे भी फोड़े जाएंगे। रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन श्रीश्री राज राजेश्वरी दुर्गा पूजा समिति ने किया है। रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के भी पुतले बनाए जा रहे हैं। यहां पुतला दहन कौन करेगा, अभी तय नहीं किया है। समिति की ओर से कई नामों पर विचार विमर्श चल रहा है। मालूम हो कि बाबा नगरी देवघर भगवान शिव और रावण के संबंधों के लिए भी पुराणों में चर्चित रहा है।

जमशेदपुर में 51 फीट का रावण जलेगा

उधर, टाटानगरी जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर में सबसे ऊंचा 51 फुट के रावण का पुतला बनाया जा रहा है। रावण के साथ-साथ उसके भाई मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी बनाए जा रहे हैं। यहां हर साल रावण दहन का भव्य आयोजन होता है। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं। हर साल कोई विशिष्ट व्यक्ति यहां अतिथि होता है। इस बार अभी तक अतिथि का नाम तय नहीं हुआ है। आयोजन समिति में इस पर चर्चा चल रही है। यहां स्थानीय कलाकार ही रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला बना रहे हैं।

लोहरदगा में 52 फीट का जलेगा रावण

उधर, लोहरदगा जिले के बक्सीडीपा मेला टांड में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बार यहां 52 फीट के रावण का पुतला बनाया जा रहा है। वहीं रावण के भाई कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले की ऊंचाई क्रमश: 42-42 फीट होगी। स्थानीय कलाकार इन पुतलों को मूर्त रूप देने में जुटे हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग हर साल रावण दहन कार्यक्रम देखने के लिए आते हैं। भगवान श्रीराम के प्रतिरूप किसी व्यक्ति द्वारा रावण दहन किया जाएगा। अभी तक कोई नाम तय नहीं हुआ है।

साहिबगंज में 45 फीट का रावण दहन

झारखंड के साहिबगंज जिले में इसबार 45 फीट का रावण बनाया गया है। इसके अलावा रावण के भाई मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला भी बनाया जा रहा है। मंगलवार तक तीनों प्रतिमाएं बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएंगी। इन पुतलों का दहन शहर के सिदो कान्हू स्टेडियम में बुधवार शाम 5:30 बजे किया जाएगा। रावण दहन जिला उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस कप्तान अनुरंजन किस्पोट्टा करेंगे। इसे देखने के लिए शहर तथा आसपास के गांवों के लोग पहुंचेंगे।

चतरा शहर में 45 फीट का होगा रावण

झारखंड के चतरा जिले के चतरा शहर के बाइपास रोड स्थित बाबा घाट मैदान में इस साल रावण दहन का कार्यक्रम रखा गया है। यहां इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई 45 फीट होगी। रावण के अलावा उसके भाई मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का भी दहन होगा। इस बार पुतला दहन सनातन परिवार मित्र मंडली द्वारा किया जाएगा। यहां रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी कर ली गई है। इस रावण दहन कार्यक्रम में शहर के अलावा गांवों के लोग भी शामिल होते हैं। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है।

हजारीबाग के बरही में 40 फीट का रावण

हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड मैदान एवं करियतपुर में हर साल की तरह इस साल भी रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। बरही प्रखंड मैदान में इस बार रावण का पुतला 40 फीट ऊंचा होगा। वहीं, करियतपुर में 35 फीट का रावण बनाया गया है। दोनों जगह कारीगर की उपस्थिति में आतिशबाजी के बीच रावण दहन किया जाएगा। इन दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते हैं।

बोकारो में 40 फीट का देखिए रावण

उधर, बाेकारो जिले में रेलवे के सेरसा स्टेडियम में 40 फीट का रावण बनाया गया है। यहां रेलवे के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद एस रावण का पुतला दहन करेंगे। यहां झरिया से पटाखा फोड़ने वाली टीम बुलाई गई है। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी होगी।

दुमका में 35 फीट रावण का होगा दहन

उधर, झारखंड की उप राजधानी दुमका में भी रावण और उसके भाई मेघनाथ व कुंभकरण का पुतला दशहरा के दिन जलाया जाएगा। यहां पर रावण के पुतले की ऊंचाई 35 फीट और चौड़ाई आठ फीट होगी। यहां पर रावण और उसके भाइयों के पुतले का दहन डीआइजी सुदर्शन प्रसाद मंडल करेंगे। यहां हर साल दशहरा पर यह आयोजन होता है। शहर के अलावा बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग भी रावण दहन देखने के लिए पहुंचते हैं। कोरोना काल के बाद यह पहला अवसर होगा, जब लोग खुलकर रावण दहन का आनंद उठाएंगे।

कोडरमा में 30 फीट का देखिए रावण

कोडरमा जिले के गझंडी में इस बार 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। यहां पिछले 40 वर्षों से रावण दहन का कार्यक्रम होता आ रहा है। पिछले साल भी यहां 30 फीट का ही रावण दहन हुआ था। रावण के साथ साथ यहां भी मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन होता है। इस आयोजन में शहर के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। रावण दहन के साथ साथ यहां आतिशबाजी का कार्यक्रम भी होता है। हर उम्र के लोग इसमें बढ़चढ़कर भाग लेते हैं।

Edited By: M Ekhlaque

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