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    Hit And Run Law के खिलाफ सड़क पर उतरे ड्राइवर्स, झारखंड से खुलने वाली 300 बसें रद्द; मुश्किल में फंसे यात्री

    By Murtaja Amir Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 01 Jan 2024 05:25 PM (IST)

    हिट एंड रन के कानून के विरोध में सोमवार को नए साल पहले दिन निजी बस चालकों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस दौरान निजी बस चालकों ने बसों का परिचालन ठप रखा। इस कारण सोमवार को प्राइवेट बस स्टैंड से राज्य व अंतरराज्यीय बसों का परिचालन नहीं हुआ। मेदिनीनगर से रांची लोहरदगा गुमला सिमडेगा चतरा हजारीबाग समेत कई अन्य राज्यों में जाने वाली बसें नहीं चलीं।

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    Hit And Run Law के खिलाफ सड़क पर उतरे ड्राइवर्स, झारखंड से खुलने वाली 300 बसें रद्द;

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। केंद्र सरकार के हिट एंड रन के कानून के विरोध में सोमवार को नए साल पहले दिन निजी बस चालकों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस दौरान निजी बस चालकों ने बसों का परिचालन ठप रखा। इस कारण सोमवार को प्राइवेट बस स्टैंड से राज्य व अंतरराज्यीय बसों का परिचालन नहीं हुआ।

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    मेदिनीनगर से रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, चतरा, हजारीबाग, ओडिशा के वीरमित्रापुर, राउरकेला, छतीसगढ़ के रामानुजंगज, बलरामपुर, अंबिकापुर, महेंद्रगढ़, यूपी के बनारस, विढंमगंज, रेणुकूट, बिहार के गया, औरंगाबाद, पटना, डेहरी, सासाराम आदि रूट की 300 से अधिक बसें नहीं चलीं। इस कारण इन स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

    बस चालकों ने नए कानून का किया विरोध 

    इधर, हड़ताल पर बैठे बस चालकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए पलामू चालक संघ के बैनर तले प्राइवेट बस स्टैंड में पहुंच नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। इस मौके पर बस चालकों ने सरकार की ओर से पारित किए गए नए कानून को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    पलामू चालक संघ के आलोक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ना सिर्फ बस ड्राइवर्स बल्कि दो पहिया से लेकर बड़ी बसें व ट्रक तक चलाने वाले हर चालक के खिलाफ यह कानून लाई है। एक्सीडेंट के बाद चालक घायल व्यक्ति को अस्पताल या पुलिस थाना ले जाएगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित चालक को सात लाख रुपया जुर्माना या दस साल की सजा या दोनों सजा भुगतनी पड़ेगी।

    आलोक सिंह ने कहा कि अक्सर एक्सीडेंट के बाद भीड़ उग्र हो जाती है और चालक को अपनी जान बचाकर भागना पड़ता है। अगर वह वहां रुकेगा तो उसकी जान को खतरा है। ऐसे में इस कानून की व्यवहारिकता नहीं है। इसे केंद्र सरकार जल्द वापस ले। कहा कि तीन दिन की हड़ताल के बाद आगे भी फैसला लिया जाएगा।

    ये लोग रहे मौजूद

    मौके पर विकास सोनी, रणवीर सिंह, पिंटू सिंह, अनिल दूबे, मंगू सिंह, पंकज साव, विरेंद्र पांडेय, पप्पू सिंह, सुनील तिवारी, उपेंद्र चौधरी, बेलाल अंसारी, जहीर अंसारी, शहंशाह खान, संतोष मिश्रा, महेंद्र पासवान, संतोष प्रसाद, टून्नू, संतोष राम, तौकीर, उमा, हशमत खान, रविंद्र सिंह आदि बस चालक मौजूद थे।

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