Jharkhand Government: घबराएं नहीं,अधिक वर्षा से किसानों को नुकसान पर है सरकार नजर
कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि हर एक योजना की जमीन स्तर तक निगरानी की जाएगी। अधिकारी इसकी समय-समय पर समीक्षा करेंगे। दो माह में 600 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों के हित में कई निर्देश दिए गए।

राज्य ब्यूरो, रांची। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की हर एक योजना की जमीन स्तर तक निगरानी की जाएगी। अधिकारी इसकी समय-समय पर समीक्षा करेंगे। अगले दो माह में 600 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मासिक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को उक्त निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि सामान्य से ज्यादा बारिश की वजह से किसानों को नुकसान हो रहा है।विभाग की नजर इस पर है।
बैठक में विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के साथ खर्च की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग दूसरे विभाग से थोड़ा अलग है।
राशि का खर्च लाभुक तक योजनाओं के पहुंचने के बाद ही कोषागार में बिल भुगतान के लिए जाता है।राज्य में इस वक्त बीज वितरण, मुख्यमंत्री ट्रैक्टर योजना, पंप सेट का वितरण का कार्य चल रहा है। लेकिन बिल का भुगतान अभी नहीं हुआ है। इसका मतलब कतई ये नहीं है कि विभाग का खर्च शून्य है।
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं को समय सीमा के अंदर धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है। राज्य में 50 प्रतिशत सब्सिडी पर बीज वितरण किया जा रहा है।
जहां बीज नहीं मिलने की शिकायत आ रही है। वहां लैंपस-पैक्स के द्वारा बीज के लिए पैसा भुगतान नहीं करने की बात सामने आई है। सामान्य से ज्यादा बारिश की वजह से किसानों को नुकसान हो रहा है।
विभाग की नजर इस पर है। बैठक में राज्य भर में बीज वितरण, किसान समृद्धि योजना, कृषक पाठशाला, निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज, बेकन फैक्ट्री के जीर्णोद्धार, मिलेट्स कैफिटेरिया की स्थापना, दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि का 10 दिनों में भुगतान पर चर्चा की गई।
साथ ही राज्य में नए बल्क मिल्क सेंटर, मिल्क बूथ की स्थापना पर फोकस, विभाग में योजनाओं से संबंधित लंबित बिल का भुगतान जैसे मुद्दे पर चर्चा की गई।
बैठक में कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीख, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, विशेष सचिव प्रदीप हजारी के अलावा सभी निदेशक और अधिकारी मौजूद रहे।
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