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    Jharkhand New: साइबर ठगी पर DIG का शिकंजा, तीनों जिलों को सख्त निर्देश; हेल्पलाइन प्रचार-प्रसार पर भी जोर

    Updated: Sun, 06 Jul 2025 11:12 AM (IST)

    पलामू रेंज के डीआईजी नौशाद आलम ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पलामू गढ़वा और लातेहार के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने फर्जी कॉल्स से सतर्क रहने साइबर हेल्पलाइन का प्रचार करने और लंबित मामलों की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। डीआईजी ने जन सहभागिता पर जोर देते हुए संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की है।

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    साइबर ठगी पर शिकंजा कसने के लिए डीआईजी ने तीनों जिलों को सख्त निर्देश दिया। जागरण फोटो

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। साइबर अपराधों में हो रही तेजी से वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए पलामू रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नौशाद आलम पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले के पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    उन्होंने कहा है कि आम लोग उत्सुकता, अज्ञानता या भय वश फर्जी कॉल्स और मैसेजेस के झांसे में आकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और अन्य प्रकार के साइबर अपराधों का शिकार हो रहे हैं।

    डीआईजी ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित साइबर थाना या स्थानीय थाना तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    किसी भी सूचना को गोपनीय न रखा जाए तथा सूचना मिलने पर वरीय पुलिस पदाधिकारियों को शीघ्र अवगत कराया जाए, ताकि समय रहते ठोस कदम उठाया जा सके।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निबटारे के लिए साइबर हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जन-जागरूकता अभियान तेज किया जाए।

    आम लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से सतर्क करने के लिए हर स्तर पर प्रयास तेज करने को कहा गया है।

    इसके साथ ही, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में साइबर अपराध से संबंधित लंबित मामलों की सप्ताह भर के भीतर समीक्षा करें।

    वहीं, उसमें की गई प्रगति से डीआईजी को अवगत कराएं। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की स्थिति पर स्वयं डीआईजी द्वारा किसी भी समय अचानक निरीक्षण किया जा सकता है।

    डीआईजी ने कहा कि साइबर अपराध रोकथाम में पुलिस की भूमिका के साथ-साथ जन सहभागिता और सजगता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    नागरिकों को चाहिए कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ट्रांजैक्शन से सतर्क रहें और ऐसी घटनाओं की सूचना बिना झिझक पुलिस को दें।

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