Indigo Airline डीजीसीए की बड़ी कार्रवाई... विमान कंपनी पर पांच लाख जुर्माना... दिव्यांग को नहीं चढ़ने दिया था विमान में
Indigo Airline इसी वर्ष 7 मई 2022 को एयरलाइन कंपनी इंडिगो के स्टाफ ने एक दिव्यांग बच्चे को विमान में चढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया था। डीजीसीए ने जांच में इंडिगो को दोषी पाया है।

रांची, जागरण संवाददाता। इंडिगो एयरलाइंस के खिलाफ डीजीसीए ने बड़ी कार्रवाई की है। इंडिगो पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला एक यात्री से गलत व्यवहार करने और उसे विमान में नहीं सवार होने देने संबंधित है। हुआ यह कि 7 मई 2022 को बिरसा मुंडा रांची एयरपोर्ट पर दिव्यांग बच्चे को विमान में चढ़ने से रोक दिया गया था। मीडिया में खबर सामने आने के बाद रांची से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। इसके बाद विभागीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को जांच का आदेश दिया था। मंत्री ने कहा था कि दोष साबित होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीजीसीए ने जांच में इंडिगो को दोषी पाया
इस मामले में डीजीसीए ने जांच में इंडिगो को दोषी पाया है। डीजीसीए ने सख्ती दिखाते हुए इंडिगो पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। डीजीसीए द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में इंडिगो एयरलाइंस के स्टाफ दोषी पाए गए थे। रांची एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस द्वारा एक दिव्यांग बच्चे को विमान में नहीं बैठने दिया गया था। जांच में पाया गया कि नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसलिए इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब उचित नहीं रहने के कारण डीजीसीए द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
इंडिगो कंपनी का तर्क भी झूठा साबित हुआ
इंडिगो एयरलाइन ने विगत नौ मई को कहा था कि बच्चे ने ही विमान में बैठने से इसलिए इन्कार कर दिया था, क्योंकि वह भयभीत और असहज महसूस कर रहा था। नागरिक विमानन के महानिदेशक ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी। रिपोर्ट में पीड़ित परिवार की पहचान भी छिपाई गई है। जांच में पाया गया कि इंडिगो कंपनी ने जो बात कही है वह पूरी तरह से गलत है।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी अभिभावक को दोषी बताया था
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन शुरू में वीडियो फुटेज के आधार पर अभिभावकों को दोषी बता रहा था। उनका कहना था कि मां ने बच्चे को चाटां लगाया था, जिसके बाद बच्चा उग्र हो गया था। मगर, डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद प्रबंधन के रूख पर थोड़ी नरमी देखने को मिली। हालांकि, एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि एयरलाइंस को चाहिए कि दोबारा इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न करें। यात्री सुविधा की प्राथमिकता का रखें ख्याल।
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