मकर संक्रांति पर घघारी धाम में उमड़ेंगे श्रद्धालु
लापुंग प्रखंड के ऐतिहासिक घघारी बाबा धाम में गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर मेला लगेगा।

बेड़ो : लापुंग प्रखंड के ऐतिहासिक घघारी बाबा धाम में गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले मेले में श्रद्धा भक्ति व विश्वास के साथ श्रद्धालु पहुंचेंगे। यहा प्रकृति के खूबसूरत सौंदर्य की गोद में बसे घघारी शिव मंदिर में भक्त जमुनी नदी में मकर स्नान कर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करके सुख-समृद्धि की मंगल कामना करेंगे। जल, जंगल और पहाड़ी क्षेत्र वाले झारखंड की खूबसूरत वादिया किसी को भी सम्मोहित करने के लिए काफी हैं। देखने वालों को हमेशा के लिए अपना बना लेती हैं। राची जिले से महज 50 किलोमीटर दूर घघारी धाम को पर्यटनस्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। यदि राज्य सरकार चाहे तो घघारी धाम झारखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। धर्मिक व आध्यात्मिक दृष्टि से घघारी धाम का ऐतिहासिक महत्व है। पर, विकास के अभाव में अबतक झारखंड के लोग भी घघारी धाम से पूरी तरह से परिचित नहीं हैं। घघारी धाम मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य छटा के बीच अवस्थित है। पहाड़ों, चट्टानों, झरने तथा घने जंगल के बीच बसे घघारी धाम में प्राचीन शिव मंदिर, बजरंग बली का मंदिर व पार्वती मंदिर भी है। यहा की प्राकृतिक छटा दर्शनीय व मनोरम है। उसे देखने के लिए लोग आते हैं। घघारी धाम के प्राचीन शिव मंदिर में अवस्थित शिवलिंग अनोखा है जो तीन खंडों में बंटा हुआ है। घघारी बाबा मंदिर के बारे में ऐसी मान्यताएं हैं कि जो भी भक्त बाबा के शिव लिंग की पूजा-अर्चना करने के बाद नतमस्तक होकर मन्नत मागते हुए प्रणाम करता है, इस क्रम में उसकी दोनों तलहटी आपस में जुड़ जाती है। ऐसा माना जाता है कि इसी से उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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