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Jharkhan News: झारखंड की बिरासत और गौरव बताने के लिए शहर से लेकर गांवों तक पहुंचा दैनिक जागरण, मुख्यमंत्री को मशाल सौंप गौरव यात्रा का समापन

By Sanjay Krishna Edited By: Kanchan Singh
Published: Sun, 16 Nov 2025 12:13 AM (IST)

दैनिक जागरण की गौरव यात्रा का समापन शनिवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जलती ...और पढ़ें

दैनिक जागरण ने मुख्यमंत्री को सौंपी गौरव यात्रा की मशाल।

दैनिक जागरण ने मुख्यमंत्री को सौंपी गौरव यात्रा की मशाल।

HighLights

  1. दैनिक जागरण गौरव यात्रा का समापन

  2. मोरहावादी में मुख्यमंत्री को सौंपी गई मशाल

  3. दैनिक जागरण ने 10,000 किमी की यात्रा पूरी की

जागरण संवाददाता, रांची । आखिरकार शनिवार शाम दैनिक जागरण की गौरव यात्रा का समापन हो गया। मोरहाबादी मैदान में जागरण की टीम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जलती हुई मशाल सौंप दी। इस तरह धरती आबा की पुण्य जन्मभूमि से शुरू हुई मशाल यात्रा ने विराम ले लिया।

चार नवंबर को कांके रोड के मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री ने मशाल यात्रा को रवाना किया था। तब उन्होंने जागरण की इस पहल की सराहना करते हुए जागरण को शुभकामना दी थी। यात्रा हर जिले से गुजरी। 24 जिला मुख्यालयों से लेकर गांव-गांव-नगर-नगर तक इस मशाल यात्रा ने अलख जगाई। दस हजार किमी की यात्रा पूरी की।

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इसमें लाखों लोग शामिल हुए। स्थापना दिवस और बिरसा मुंडा की जयंती पर मोरहाबादी में मशाल को मुख्यमंत्री को सौंप दिया गया। इस मौके पर विधायक कल्पना सोरेन, झारखंड सरकार में मंत्री संजय यादव, वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस प्रभारी के राजू, राज्यसभा सदस्य डा महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, आइएएस वंदना डाडेल, डीसी मंजूनाथ भजंत्री सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

जागरण की ओर से रांची महाप्रबंधक परितोष झा, संपादकीय प्रभारी शशि शेखर, एजीएम मार्केटिंग धर्मेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक (पीएसएम) प्रभाकर तिवारी व जागरण परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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उलगुलानी धरती से शुरू हुई दैनिक जागरण की गौरव यात्रा

उलगुलान की धरती बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू से चार नवंबर को यात्रा आरंभ हुई थी। 25 साल के युवा झारखंड की गौरवगाथा जागरण की मशाल यात्रा गांव-गांव, शहर-शहर गई। राज्य की उपलब्धियों, विशेषताओं और उलगुलानी विरासत से परिचय कराया।

यहां बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा ने मशाल यात्रा को आगे बढ़ाया।  हर शहर में गौरव गान किया गया। हर जिले में मशाल यात्रा को लेकर उत्साह दिखा। जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं सभी उत्साह के साथ भाग लिया।

रांची में 13 को निकली थी

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रांची में यह यात्रा 13 नवंबर, गुरुवार को धुर्वा के गोलचक्कर से निकली और पुरानी विधानसभा, बिरसा चौक, डोरंडा, जैप वन, आंबेडकर चौक, ओवरब्रिज, चेंबर भवन, सुजाता चौक, एकरा मस्जिद, सर्जना चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और वहां से फिर सर्जना चौक, पुरुलिया रोड, लालपुर, बिरसा की समाधि, कोकर चौक से होते हुए बूटी मोड़ स्थित वार मेमोरियल में समाप्त हुई।

हर जगह पर स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद थीं। हजारों युवाओं ने भाग लिया। हर धर्म के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। दैनिक जागरण की इस यात्रा का साक्षी पूरा शहर बना। इसके अगले दिन रांची के प्रखंडों में मशाल यात्रा निकली। यहां भी उत्साह दिखा। जगह-जगह स्वागत किया गया। बैंड की धुन पर छात्र उत्साह से भरे हुए थे।