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विकसित भारत-2047 में क्रिटिकल मिनरल्स की होगी बड़ी भूमिका, सस्ती तकनीक पर शोध की जरूरत

Published: Sun, 04 Oct 2026 09:30 AM (IST)

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के सेमिनार में विकसित भारत-2047 के लिए खनन की महत्ता पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने क्रिटिकल मिनरल्स ...और पढ़ें

इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स में विकसित भारत पर सेमिनार। जागरण

इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स में विकसित भारत पर सेमिनार। जागरण

HighLights

  1. क्रिटिकल मिनरल्स खनन की सस्ती, सुलभ तकनीक पर शोध जरूरी।

  2. खनन क्षेत्रों में जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य निर्धारित करें।

राज्य ब्यूरो, रांची। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स द्वारा विकसित भारत-2047 के लिए खनन विषयक दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग (अब आईआईटी) से पढ़ाई किए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील बर्णवाल ने बतौर मुख्य अतिथि इस सेमिनार का उद्धाटन किया।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है। क्रिटिकल मिनरल्स की देश के भविष्य के निर्धारण में महती भूमिका होगी। इनके खनन की सस्ती, सहज और सुलभ तकनीक पर लगातार शोध की आवश्यकता है। यह न सिर्फ मानव जीवन के विकास के लिए उपयोगी है अपितु राष्ट्र की रक्षा के लिए इसका महत्व और बढ़ता जा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान के लिए यह अहम है।

देश के 35 जिलों के लोगों का रखना होगा ख्याल : गोपाल

बतौर मुख्य वक्ता, कोल इंडिया के चेयरमैन से लेकर सीसीएल के सीएमडी रह चुके गोपाल सिंह ने कहा कि देश के 35 जिले ऐसे हैं, जहां वृहद पैमाने पर खनन होता है। इन्हीं 35 जिलों में रहने वाले लोगों का विशेष ख्याल रखना होगा। उनके जीवन स्तर को ऐसा बनाना होगा कि उदाहरण बने।

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उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाले फ्लाई एश में क्रिटिकल मिनरल होते हैं। उन्हें निकालने की सस्ती तकनीक पर और शोध की जरूरत है। खनन क्षेत्र में पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में सतत विचार करना होगा। जहां भी उत्पादन कार्य चल रहे हैं, वहां जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराना टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर के ई कचरे में भी बहुत कुछ ऐसा है जो उपयोगी है। भविष्य में इस दिशा में कार्य करना होगा।

क्रिटिकल मिनरल्स पर युवा अभियंता शोध करें : अभिजीत

एचईसी के पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष ने कहा कि नौजवान अभियंताओं को क्रिटिकल मिनरल्स पर शोध कर खनन की विशेष तकनीक खोजने को प्रेरित किया।

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इन्हें सम्मानित किया गया 

जिलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक अखौरी विश्वप्रिया, सीएमपीडीआइ निदेशक अजय कुमार और आनंद मोहन, एचसीएल के निदेशक संजीव सिन्हा, बीसीसीएल के पूर्व सीएमडी एके सिंह, कोल इंडिया के पूर्व तकनीकी निदेशक विजय दयाल, एसईसीएल के पूर्व निदेशक संजीव सिन्हा। 

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