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सेल और कोल इंडिया में लोहा-कोयला चोरी पर सीबीआई का शिकंजा, कई अधिकारी रडार पर

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:49 AM (IST)

CBI ने सेल भिलाई में लोहा चोरी और बीसीसीएल धनबाद में कोयला चोरी के मामलों में अपनी जांच तेज कर ...और पढ़ें

कोयला चोरी के खिलाफ धनबाद में सीआइएसएफ ने चला रखा है अभियान। (फाइल फोटो)

कोयला चोरी के खिलाफ धनबाद में सीआइएसएफ ने चला रखा है अभियान। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सीबीआई ने सेल भिलाई व बीसीसीएल धनबाद में जांच तेज की।

  2. उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर व इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा पर प्राथमिकी।

  3. सीआईएसएफ के वर्तमान व सेवानिवृत्त अधिकारी सीबीआई की रडार पर।

जागरण संवाददाता, बोकारो। भारत सरकार की सार्वजनिक लोक उपक्रम कंपनी--Steel Authority Of India Limited (SAIL) तथा Coal India Limited में अवैध लोहा व कोयला चोरी का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ लिया है। कंपनियों के कुछ बड़े अधिकारी जांच के घेरे में हैं। 

इस मामले में जहां सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में CBI ने जांच तेज कर दी है तो वही कोल इंडिया लिमिटेड के बीसीसीएल धनबाद इकाई में सीबीआई द्वारा उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर व इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

झारखंड कैडर के आइपीएस हैं चंदन झा

सेल व कोल इंडिया लिमिटेड के उक्त दोनों इकाई में वर्तमान समय में CISF DIG के पद पर IPS अधिकारी कार्यरत हैं। Bhilai Steel Plant में झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी सह बोकारो के पूर्व एसपी चंदन झा सेवारत हैं तो वहीं बीसीसीएल धनबाद इकाई में बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी सह बीएसएल बोकारो इकाई के पूर्व डीआइजी राजीव मिश्रा की तैनाती की गई है।

ऐसे में सीबीआई की जांच प्रक्रिया को तीव्रता के साथ मामले के अनुसंधान में ज्यादा बल मिल रहा है। इससे लोहा तथा कोयला चोरी में शामिल लोगों की मुश्किलें अब पूरी तरह से बढ़ गई है।

आलम यह है की सीबीआई की रडार पर अब सीआइएसएफ के वर्तमान के साथ कई सेवानिवृत अधिकारी भी आ गए है, जो की अपने कार्यकाल के दौरान बीसीसीएल धनबाद इकाई में कोल माफियाओं से गठजोड़ कर निजी स्वार्थ के लिए सरकार की संपत्ति को क्षति पहुंचाए थे।

एडीजी कुंदन कृष्णन की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई 

बीसीसीएल धनबाद इकाई में कोयला चोरी के मामले पर सीबीआई की एंट्री के बाद यहां कार्यरत कई अधिकारी व जवानों के काले कारनामों की पोल अब परत दर परत खुल रही है।

इसमें कई अधिकारी व जवानों के कार्यप्रणाली की भूमिका को संदेहास्पद मानते हुए पूर्व में ही सीआइएसएफ मुख्यालय देश के अलग अलग इकाई में उनका स्थानांतरण कर दी थी।

जिससे की संबंधित अधिकारी अपने पहुंच से जांच की प्रक्रिया को प्रभावित नही कर सके। इस मामले पर सीआइएसएफ के तत्कालीन एडीजी कुंदन कृष्णन ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट पूरे साक्ष्य के साथ मुख्यालय को सौंप दी थी। इसी आधार पर अब सीबीआई ऐसे लोगों पर ठोस कार्रवाई करने की कवायद में जुट गई है।

बताया जाता है की कोल माफियाओं से सांठ गांठ में सीआइएसएफ के कमांडेंट, उप कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, इंस्पेक्टर व जवानों के अलावा तत्कालीन समय के पूर्व आईजी पूर्वी खंड रांची पर कई गंभीर आरोप की जांच की जा रही है।

जांच की सूची में दो दर्जन से ज्यादा अधिकारी व जवान शामिल है जो की वर्तमान समय में देश के अलग अलग सीआइएसएफ इकाई में पदस्थापित है।

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