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BCCL कोयला नगर CISF यूनिट में वित्तीय अनियमितता का आरोप, दो पूर्व अधिकारियों पर CBI ने दर्ज की FIR

Published: Wed, 30 Sep 2026 08:03 PM (IST)

CBI Dhanbad ने सीआईएसएफ धनबाद के दो पूर्व अधिकारियों, ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।

CISF अधिकारियों पर सीबीआइ ने दर्ज की प्राथमिकी। (प्रतीकात्मक फोटो)

CISF अधिकारियों पर सीबीआइ ने दर्ज की प्राथमिकी। (प्रतीकात्मक फोटो)

जागरण संवाददाता, धनबाद। सीआइएसएफ यूनिट बीसीसीएल कोयला नगर के दो पूर्व अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। मामले को लेकर सीबीआइ धनबाद ने सीआइएसएफ धनबाद के तत्कालीन उप समादेष्टा ओम कुमार तंवर और तत्कालीन लेडी इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी हुई है।

वर्तमान में ओम कुमार तंवर आठवीं रिजर्व बटालियन जयपुर (राजस्थान) और राज लक्ष्मी वर्मा तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीटीपीएस) ललपनियां में पदस्थापित हैं।

यह प्राथमिकी सीआइएसएफ मुख्यालय नई दिल्ली में मुख्य सतर्कता अधिकारी/आइजी के पद पर पदस्थापित जोस मोहन के आवेदन पर हुई है। सीबीआइ धनबाद को मामले को लेकर 25 सितंबर को शिकायत मिली थी। यह मामला इसी साल मार्च माह का है।

यह है आरोप

मामले के संबंधी में सीबीआइ धनबाद की ओर से की गई प्राथमिकी के अनुसार आल इंडिया कोल माइंस यूनियन के मदन सिंह ने सीआइएसएफ सीवीओ नई दिल्ली जोस मोहन को एक शिकायत पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि दोनों अधिकारियों ने सीआइएसएफ धनबाद में रहते हुए काफी वित्तीय गड़बड़ियां की हैं।

मदन सिंह ने अपने आरोप को लेकर एक पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराया था। इस पेन ड्राइव में तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग थीं। आरोप था कि ये दोनों अधिकारी भ्रष्टाचार के साथ-साथ गलत गतिविधियों में शामिल थे।

मदन सिंह की इस शिकायत के बाद सीआइएसएफ सीवीओ नई दिल्ली की ओर से एक जांच कराई गई। जिसमें यह पाया गया कि दोनों गंभीर रूप से वित्तीय अनियमितता में शामिल हैं। पेन ड्राइव में मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग में आवाज ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा की हैं।

इस जांच के बाद जोस मोहन ने सीबीआइ धनबाद में प्राथमिकी कराई। आवेदन प्राप्त होने के बाद सीबीआइ ने मौजूद तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया कि ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी या अधिकारी) रहते हुए अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के एवज में रिश्वत या कोई अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया और इसके लिए आपराधिक साजिश की।

सीबीआइ ने प्राथमिकी करते हुए जांच की जिम्मेवारी सीबीआइ एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार पाठक को दी है।

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