कोयला चोरी और अवैध खनन पर झारखंड में कसेगा शिकंजा, हाईकोर्ट के निर्देश पर बन रही SOP
BCCL Coal Theft: झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य में कोयला चोरी, अवैध खनन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक व्यापक एसओपी तैयार की जाएगी।

धनबाद में साइकिल के जरिए चोरी के कोयले की ढुलाई। (फाइल फोटो)
HighLights
झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर कोयला चोरी रोकने हेतु एसओपी बनेगी।
अवैध खनन और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान, उच्चस्तरीय बैठक हुई।
धनबाद के डीसी, एसएसपी सहित कई अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में कोयला चोरी, अवैध खनन पर रोक और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अब एक व्यापक स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा।
झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर इस संबंध में दो दिन पूर्व महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल,एएसजीआइ प्रशांत पल्लव व झारखंड के महाधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता रोहिताश्य राय ने की।
बैठक में कोयला चोरी रोकने, अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस नीति तैयार करने पर चर्चा हुई। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होनी है। इससे पहले संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से एसओपी तैयार कर हाईकोर्ट के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी है।
बैठक में धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके अलावा एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, सीआइएसएफ के आइजी, डीआइजी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बन रही नीति
धनबाद समेत झारखंड के कोयला क्षेत्रों में लगातार सामने आ रहे कोयला चोरी और अवैध खनन के मामलों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
यह मामला ग्रामीण एकता मंच की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया है। हाईकोर्ट ने कोयला चोरी और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में महाधिवक्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कोयला चोरी और अवैध खनन की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच किस तरह बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
साथ ही पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए भी एक समग्र व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया।
8 अक्टूबर की सुनवाई से पहले तैयार होगी एसओपी
हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित है। ऐसे में उससे पहले एसओपी तैयार करने की कवायद तेज कर दी गई है।
प्रस्तावित एसओपी में कोयला चोरी की पहचान और रोकथाम, अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई, सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों को शामिल किए जाने की संभावना है।
बैठक में संबंधित सभी एजेंसियों के अधिकारियों की मौजूदगी इस बात को रेखांकित करती है कि कोयला चोरी और अवैध खनन से जुड़े मामले को केवल कानून-व्यवस्था के स्तर पर नहीं, बल्कि प्रशासनिक, सुरक्षा और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी देखने की जरूरत महसूस की जा रही है।
बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों की भी रहेगी भूमिका
कोयला चोरी रोकने में बीसीसीएल प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन, पुलिस और सीआइएसएफ की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में इन सभी पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय को लेकर चर्चा हुई। प्रस्तावित एसओपी में विभिन्न एजेंसियों की भूमिका और कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है।
बीसीसीएल सीएमडी को धमकी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
कोयला चोरी के मामले की सुनवाई के बीच बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को जान से मारने की धमकी मिलने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और संबंधित संस्थानों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय बनकर सामने आया है।
हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
अब सभी की नजर 8 अक्टूबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। इससे पहले तैयार की जा रही एसओपी में कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर क्या ठोस व्यवस्था प्रस्तावित की जाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
