रांची, जासं। मोरहाबादी इलाके के दिव्यायन चौक के पास सनसनीखेज वारदात हुई। बेखौफ अपराधी ने दुस्साहस दिखाया। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे का समय था। ग्राहक बनकर अपराधी दुकान में पहुंचा। दुकानदार को गहने दिखाने को कहा। जब दुकानदार गहने निकालने में व्यस्त हो गया तो अपराधी ने शटर गिरा दिया और देखते ही देखते दुकानदार पर ताबड़तोड़ हथौड़ी से हमला कर दिया। जब तक दुकानदार संभलता तब तक फिर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद दुकान में से गहने उठाकर एक थैले में रखा और शटर उठाकर बाहर भाग गया। दुकानदार के शोर मचाने पर पास के ही सब्जी वाले ने अपराधी को खदेड़ा। अपराधी अपने आप को फंसता देख गहने वाला थैला फेंककर भाग गया।

घायल दुकानदार भैरव प्रसाद सोनी (60 वर्ष) को आनन-फानन में रिम्स में भर्ती कराया गया हैै। जहां उनकी स्थिति गंभीर है। भैरव प्रसाद सोनी एदलहातू के रहने वाले हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद बरियातू थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। दुकान में लगी सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें अपराधी लूटपाट करता देखा गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

पीसीआर वैन आगे बढ़ी तो मौका देख दुकान में घुसा बदमाश

दिव्यायन चौक से अंतू चौक तक लगातार पुलिस की गश्ती रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार अपराधी मौके की ताक में था। वहां से होकर थोड़ी देर पहले ही पुलिस गुजरी थी। बरियातू थाने की पुलिस और पीसीआर आगे बढ़ी तो अपराधी आभूषण अलंकार में पहुंच गया।

छह-सात सालों से चल रहा था विवाद

पुलिस के अनुसार, दिव्यायन चौक के समीप आभूषण अलंकार ज्वेलर्स को पिछले छह-सात सालों से खाली कराने का विवाद चल रहा है। इस कड़ी में पुलिस की छानबीन हो रही है।

सब्जी वाले दिनेश कुमार की हिम्मत की दाद दे रही पुलिस

स्थानीय लोग और पुलिस सब्जी बेचने वाले दिनेश कुमार की हिम्मत की दाद दे रहे हैैं। लोगों का कहना था कि अगर दिनेश कुमार ने साहस न दिखाया होता तो अपराधी गहने लूट कर ले जाता। दिनेश में जब बदमाश को खदेड़ा तो अपराधी दिव्यायन चौक के पास गहनों से भरा थैला फेंककर भाग गया।

चार साल पहले दुकानदार के बेटे की गोली मार हुई थी हत्या

जेवर दुकानदार के परिजनों ने कहा है कि लूटपाट व हमला के मामले में शमीम खान की साजिश है। वह वर्षों से जमीन के विवाद में पीछे पड़ा हुआ है। 12 अप्रैल 2015 को भैरव के बेटे सुधीर सोनी की गोली मारकर हत्या करवा दी गई थी। उस समय भी लूटपाट के लिए ही हत्या कराई गई थी। बाद में मामले के साजिशकर्ता के रूप में शमीम खान का ही नाम आया था। इस मामले में वह जेल भी जा चुका है।

पहले भी दुकान में लगाई थी आग

टैगोर हिल रोड में फिलहाल जहां आभूषण अलंकार ज्वेलर्स है, उसी के बगल में जेनरल स्टोर भी हुआ करता था। वह दुकान भी भैरव प्रसाद की ही थी, जिसे उसके भाई और स्टाफ चलाते थे। वर्ष 2012 में दुर्गा पूजा के समय दुकान खाली कराने की चेतावनी दी थी। इसके बाद दिसंबर 2012 में उसकी दुकान में आग लगा दी गई थी। इसके बाद दुकान को खाली कर दिया था।

माया ज्वेलर्स लूटने पहुंचे अपराधी पकड़ से दूर

13 जुलाई 2019 को बरियातू स्थित माया ज्वेलर्स को लूटने पहुंचे अपराधियों को पुलिस नहीं पकड़ पाई है। चार अपराधी मोटरसाइकिल से दुकान पहुंचे थे। पिस्टल लहराते हुए दुकान में घुसे थे। इसका विरोध करने पर दुकान के संचालक संतोष के सिर पर पिस्टल के बट से हमला कर दिया गया था। इसके बावजूद संतोष अपराधियों से भिड़े थे। इस मामले में बरियातू पुलिस अबतक शून्य पर है। अपराधियों की पहचान तक करने में पुलिस पूरी तरह फेल है।

'अपराधी का इरादा लूट का था या जान से मारने की इसकी जांच चल रही है। लूट और साजिशन हमला के बिंदू पर जांच चल रही है। जल्द ही अपराधी पकड़े जाएंगे। दीपक कुमार पांडेय, डीएसपी सदर रांची

Posted By: Alok Shahi

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