हजारीबाग, जागरण संवाददाता। Communal Violence in Hazaribagh हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी है। शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे भड़की इस हिंसा में छह लोग बुरी तरह से घायल बताए जा रहे हैं। उपद्रवियों ने एक दुकान को आग के हवाले कर दिया है। हिंसा के बाद इलाके में तनाव कायम है। एसपी समेत विभिन्न थानों की पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस हर किसी पर निगाह रख रही है।

देखते ही देखते दो समुदायों के बीच शुरू हो गया पथराव

जानकारी के अनुसार, जिले के इचाक बाजार दर्जी मोहल्ला में दो समुदायों के बीच पहले जमकर पथराव हुआ। देखते ही देखते विवाद इस कदर बढ़ गया कि पूरा इलाका अशांत हो गया। होली का रंग फीका पड़ गया। उपद्रवियों ने अपने आतंक से अमनपसंद लोगों की होली खराब कर दी। होली की खुशियां फुर्र हो गईं। दोनों समुदाय के उपद्रवियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इसमें दोनों समुदाय के आधा दर्जन युवकों को गंभीर से रूप से चोट लगी है। 

इचाक बाजार में फल दुकान में उपद्रवियों ने लगाई आग

इस उपद्रव के दौरान ही उपद्रवियों ने एक समुदाय के फल दुकान को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते पूरा दुकान और सामान जलकर राख हो गया। यह दुकान एक गरीब व्यक्ति की थी। माहौल खराब करने के लिए उपद्रवियों ने साजिश के तहत दुकान में आग लगाई। यह दुकान इचाक बाजार में स्थित थी। यह एक फल की दुकान थी। दुकान जलकर खाक होने से दुकानदार रोता-बिलखता नजर आया। उसे समझ में नहीं आ रहा कि उसकी दुकान उपद्रवियों ने क्यों जलाई। उसकी दुकान को क्यों निशाना बनाया गया।

बाइक सवार युवकों से बकझक के बाद पथराव शुरू

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई। तीन युवक होली खेलते हुए एक बाइक पर सवार होकर कुरहा गांव से दर्जी मोहल्ले होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य  युवकों से उनकी बकझक हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों समुदाय के लोग एकजुट हो गए। बात बढ़ते-बढ़ते पथराव तक पहुंच गई। दोनों समुदाय के उपद्रवियों ने माहौल को अशांत कर दिया। उपद्रवियों ने जमकर एक दूसरे पर पत्थरबाजी की। इस घटना से इलाके के शांति पसंद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोग अपने अपने घरों में दुबक गए हैं। होली पर देर रात तक एक दूसरे से मिलने जुलने का सिलसिला बंद हो गया है।

घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस बलों की तैनाती 

उधर, घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में जवानों की इलाके में तैनाती कर दी गई है। खुद एसपी मनोज रतन चौथे भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालात का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने धारा 144 भी लगा दिया है। 

एसपी ने लोगों से कहा- अफवाहों पर मत दीजिए ध्यान

हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और दोनों समुदाय के प्रबुद्ध लोग अपने अपने समुदाय के लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव कायम है। एसपी के अलावा एसडीएम विद्याभूषण कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। लोगों से किसी भी अफवाह से बचने की सलाह दी जा रही है। एसपी ने कहा है कि उप्रदवियों की शिनाख्त की जाएगी। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अशांति फैलाने वालों को किसी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। पुलिस यह भी पता लगा रही कि बाइक सवार युवकों ने ऐसा क्या किया जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

बरही हत्याकांड के एक महीने बाद इचाक में हिंसा की घटना

मालूम हो कि इसी वर्ष हजारीबाग जिले के बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान रुपेश पांडेय नामक एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बरही समेत पूरे जिले में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। यह इस कदर फैलता गया कि झारखंड के पांच जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी लगानी पड़ी थी। सरकार ने इंटरनेट सेवा दो दिनों के लिए ठप कर दिया था। बाद में राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाकर खूब राजनीति भी की थी। यह घटना फरवरी महीने में हुई थी। ठीक एक महीने बाद होली पर इस तरह की सांप्रदायिक हिंसा ने सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि पुलिस इस बार ज्यादा मुस्तैद नजर आ रही है। बरही हत्याकांड के बाद भी उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।

Edited By: M Ekhlaque