विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड हाई कोर्ट में डिजिटल क्रांति की तैयारी, 35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे CJI

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:29 PM (IST)

Jharkhand High Court में 35 करोड़ की लागत से बने अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन होगा, जिससे न्यायिक व्यवस्था आधुनिक ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत (फाइल फोटो)।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत (फाइल फोटो)।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दो नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत झारखंड हाई कोर्ट के धुर्वा परिसर में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसी दिन हाई कोर्ट की कई सेवाएं डिजिटल भी होंगी। हाई कोर्ट ने न्यायिक कामकाज को आसान, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए छह नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है।

आनलाइन मिलेगी अदालतों से जुड़ी जानकारी और सेवाएं

इससे न केवल न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं को सहूलियत होगी, बल्कि मुकदमे लड़ने वाले आम लोगों को भी अदालतों से जुड़ी जानकारी और सेवाएं आनलाइन मिल सकेंगी। नया डेटा सेंटर झारखंड हाई कोर्ट और राज्य की अधीनस्थ अदालतों के डिजिटल कामकाज का मुख्य आधार बनेगा।

इसमें अत्याधुनिक जीपीयू सर्वर, केंद्रीकृत स्टोरेज और बैकअप सिस्टम, उन्नत नेटवर्क सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति की सुविधा होगी। इसके माध्यम से केस इंफार्मेशन सिस्टम (सीआइएस), डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस), इलेक्ट्रानिक न्यायिक रिकार्ड और वीडियो कान्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

डिजिटल रिकार्ड रहेंगे सुरक्षित 

इस डेटा सेंटर से अदालतों के महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड सुरक्षित रहेंगे। न्यायाधीश, अधिवक्ता, अदालत के कर्मचारी और मुकदमे के पक्षकार जरूरत के अनुसार न्यायिक सूचनाओं तक सुरक्षित तरीके से पहुंच सकेंगे। इससे डिजिटल सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी और तकनीकी गड़बड़ियों की आशंका कम होगी।

डेटा सेंटर के उद्घाटन के साथ छह ई-पहल शुरू की जाएंगी। इनमें हाई कोर्ट की नई वेबसाइट, हाई कोर्ट और जिला अदालतों में आनलाइन प्रमाणित प्रति आवेदन की सुविधा, हाई कोर्ट और जिला अदालतों के लिए आइओएस मोबाइल एप, अधिवक्ताओं के लिए पर्सनलाइज्ड काज लिस्ट, न्यायिक अधिकारियों को ड्रैगन स्पीच-टू-टेक्स्ट साफ्टवेयर किट और सुप्रीम टुडे एआइ साफ्टवेयर उपलब्ध कराना शामिल है।

नई वेबसाइट के माध्यम से लोग केस की स्थिति, काज लिस्ट, दैनिक आदेश और फैसलों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, आनलाइन प्रमाणित प्रति की सुविधा शुरू होने से अधिवक्ताओं और मुकदमे के पक्षकारों को आदेश या फैसले की प्रमाणित प्रति लेने के लिए बार-बार अदालत का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

वे घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे कागजी काम कम होगा और समय की बचत होगी। अपील दाखिल करने जैसी कानूनी प्रक्रियाओं में भी समय पर प्रमाणित प्रति मिलना मददगार होगा।

यह भी पढ़ें- SIR के नाम पर फर्जी ई-मेल से रहें सावधान, साइबर ठग कर रहे धोखाधड़ी का प्रयास

यह भी पढ़ें- Cyclone Arnab का धनबाद से बोकारो तक कहर, एक की मौत; कई घर क्षतिग्रस्त

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।