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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चौपारण के खीरमोहन का लजीज स्‍वाद देश-दुनिया तक, हिस्‍ट्री चैनल के रॉकी व मयूर ने भी की प्रशंसा VIDEO

By Sujeet Kumar SumanEdited By:
Published: Sun, 14 Mar 2021 05:33 PM (IST)Updated: Tue, 16 Mar 2021 09:39 AM (IST)

Chouparan Famous Sweet Kheer Mohan Jharkhand News चौपारण में एक हजार से ज्यादा लोग खीरमोहन के व्यापार में जुटे हैं। ...और पढ़ें

Chouparan Famous Sweet Kheer Mohan, Jharkhand News हजारीबाग के चौपारण में एक दुकान में बनी खीर मोहन मिठाई।
Chouparan Famous Sweet Kheer Mohan, Jharkhand News हजारीबाग के चौपारण में एक दुकान में बनी खीर मोहन मिठाई।

चौपारण (हजारीबाग), [शशि शेखर]। Chouparan Famous Sweet Kheer Mohan, Jharkhand News गया के तिलकुट की सोंधी महक, सिलाऊ के खाजा का बेहतरीन मिठास और अब चौपारण की खीर मोहन का लजीज स्वाद राष्ट्रीय फलक पर तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है। इंटरनेट मीडिया पर हिस्ट्री चैनल के रॉकी एवं मयूर ने सहसा ही खीर मोहन को राष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतरीन मिठाई के रूप में प्रसिद्धि दिला दी है।

यूट्यूब, फेसबुक व सोशल मीडिया के चैनल्स पर दोनों का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल हिस्ट्री चैनल के रॉकी एवं मयूर बीते दिनों एनएच 2 पर भ्रमण के दौरान चौपारण में एक सौ से अधिक खीर मोहन के दुकान को देखकर दिलचस्पी वश रुके और खीर मोहन मिठाई का स्‍वाद चखा। खीर मोहन के स्वाद से वे इतने प्रभावित हुए कि अपने ऑफिशियल ट्विटर पेज पर चौपारण के खीर मोहन की प्रशंसा की।

आत्मनिर्भरता की कहानी गढ़ रहा खीरमोहन

आत्मनिर्भरता की कहानी गढ़ता खीरमोहन उद्योग चौपारण में घर-घर में खुल चुका है। दरअसल यह यहां लघु उद्योग का रूप धारण कर चुका है। हालांकि खीरमोहन का इतिहास सात दशक पुराना है परंतु कोरोना आपदा ने खीरमोहन को लघु उद्योग के अवसर में तब्दील कर दिया है। वर्तमान में 1000 से अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं। प्रतिदिन लाखों लीटर दूध से खीरमोहन बनाए जा रहे हैं। जीटी रोड पर चलने वाले हजारों वाहन खीर मोहन खाने को रुक रहे हैं। यहां प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है।

इससे गरीब, मध्यम दर्जे के लोगों को एक नया व्यवसाय और एक नए विकास का आयाम गढ़ने में मदद मिल रहा है। सरकार यदि इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए दूध की उपलब्धता, ऋण मुहैया कराए तो खीर मोहन के उद्योग को और गति दी जा सकती है। यही नहीं, लोग बाग अब खीर मोहन के पेटेंट की भी सोच रहे हैं। चौपारण की प्रसिद्धि धीरे-धीरे खीरमोहन नगरी के रूप में हो रही है। ऐसे में हिस्ट्री चैनल पर यहां की खबरें प्रसारित होने पर लोगों में काफी खुशी देखी जा रही है। वहीं खीरमोहन के चर्चे राष्ट्रीय स्तर पर होने लगे हैं।