यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Champai Soren Cabinet: ...तो हो गया फाइनल! झारखंड में इस दिन होगा चंपई सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार
झारखंड में कैबिनेट विस्तार की तारीख का एलान कर दिया गया है। 16 फरवरी को चंपई सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार ...और पढ़ें

HighLights
- 5 फरवरी को चंपई सरकार ने सदन में बहुमत पेश किया
- चंपई सोरेन ने दो फरवरी को सीएम पद की शपथ ली थी
राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन 16 फरवरी को मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। बुधवार को इसकी तिथि पुनर्निर्धारित की गई। दिन में राज्यपाल की तरफ से आठ फरवरी को मंत्रिमंडल विस्तार की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुए आगे बढ़ाया गया।
इस बीच मंत्रिमंडल में जगह बनाने के लिए जहां लाबिंग तेज हो गई है। वहीं, झामुमो और कांग्रेस के रणनीतिकार नाम फाइनल करने में लगे हुए हैं। झामुमो में ज्यादा खींचतान नहीं है।
बसंत सोरेन या सीता सोरेन में से एक के लिए जगह तय
कहा जा रहा है कि दुमका के विधायक बसंत सोरेन या सीता सोरेन में से एक के लिए जगह तय है। इसके अलावा संताल परगना क्षेत्र से आने वाले वरीय विधायकों को जगह देने पर विचार चल रहा है।
बदली राजनीतिक परिस्थितियों में उनके अनुभव का लाभ पार्टी लेना चाहती है। हेमंत सोरेन की गैर मौजूदगी में यह भी महत्वपूर्ण है कि एकजुटता बनी रहे। क्षेत्रीय संतुलन को साधकर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। संताल परगना और कोल्हान प्रमंडल झामुमो के अभेद्य गढ़ हैं।
मुख्यमंत्री चंपई सोरेन खुद कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और राजद विधायक दल के नेता सत्यानंद भोक्ता के साथ शपथ ली थी।
कांग्रेस में ज्यादा किच-किच
बताया जा रहा है कि सरकार में शामिल होने को लेकर कांग्रेस में ज्यादा किचकिच है। ज्यादातर विधायकों की इच्छा मंत्री बनने की है। इस बात पर भी दबाव दिया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकार में शामिल रहे मंत्रियों को बदला जाए। अगर यह कारगर हुआ तो तीन नए चेहरे दिखेंगे। आलमगीर आलम मंत्री बन चुके हैं।
पूर्व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय मंत्रियों के परफारमेंस पर पूर्व में ही नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में विधायकों को एकजुट रखने के लिए चेहरे बदले जा सकते हैं। पहले 12वें मंत्री का पद खाली था। इस बार इसे भी भरा जाएगा। फेरबदल की कवायद में कांग्रेस कोटे से एक महिला विधायक को शामिल किया जाना पक्का है। दो टर्म से विधायक रहे नेताओं पर पार्टी दांव लगा सकती है।
पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव भी मंत्री बनने की रेस में आगे चल रहे हैं। विश्वासमत प्रस्ताव के लिए आहूत विधानसभा के विशेष सत्र में उन्होंने अपनी वाकपटुता से केंद्र सरकार व भाजपा की तगड़ी घेराबंदी की थी। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सदन के भीतर उनसे विचार-विमर्श किया था।
