Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Traffic Rules Violation: ट्रैफिक नियम तोड़ेंगे आज, छह महीने बाद पहुंचेगा चालान... क्‍यों कार्रवाई करने में हो रही देरी?

    Updated: Thu, 29 Feb 2024 11:09 AM (IST)

    रांची में हर रोज 3.36 लाख वाहनों का आवागमन होता है। ट्रैफिक नियमों के उल्‍लंघन के भी हर रोज दस हजार मामले आते हैं लेकिन चालान छह महीने बाद पहुंचता है। इससे लोग परेशान हो जाते हैं। चालान पोस्ट करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास कोई फंड नहीं है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि चालान पोस्ट करने के लिए उनके पास कोई फंड नहीं है।

    Hero Image
    कमांड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर की एक फोटो।

    शक्ति सिंह, रांची। हाइटेक व्यवस्था तभी समुचित तरीके से काम कर सकती है, जब उससे जुड़ी व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रहें। राजधानी की यातायात व्यवस्था की निगरानी तंत्र को हाइटेक तो कर दिया गया लेकिन उसके नीचे की व्यवस्था कैसे काम करेगी, इसकी चिंता नहीं की गई।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कार्रवाई करने में हो रही देरी

    नतीजा यह हो रहा है कि स्मार्ट सिटी का कमांड कम्यूनिकेशन एंड कंट्रोल सेंटर जिन यातायात नियमों के उल्लंघन को पकड़ रहा है। उस पर आगे की कार्रवाई करने में एक दो महीने नहीं बल्कि छह महीने तक वक्त लग रहा है। लोग भी परेशान हैं कि उन्हें छह महीने बाद इसकी सूचना क्यों मिल रही है।

    अगस्त महीने के बाद से नहीं मिला है किसी को चालान

    कमांड कंट्रोल की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूची हर रोज ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध करा दी जाती है। लेकिन, कार्रवाई की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि लोगों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है। प्रत्येक दिन चार हजार ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामले उपलब्ध कराए जाते हैं। बावजूद इसके इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

    रांची में रोज 10 हजार मामलों में ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन 

    शहर में हर रोज ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के दस हजार मामले आते हैं, जिसमें से सिर्फ चार हजार ही मामले ई-चालान के लिए भेजे जाते हैं। पहले ट्रैफिक नियम उल्लंघन के 26666 मामले रोज आते थे। रांची शहर में 3.36 लाख वाहनों का रोजाना आवागमन होता है।

    चालान पोस्ट करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है कोई फंड

    चालान पोस्ट करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास कोई फंड नहीं है। यही वजह है कि ट्रैफिक पुलिस चालान भेजने में पीछे चल रही है। उनका कहना है कि पहले ई-चालान भेजा जाता था, जिसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता था और उनका भुगतान भी कम होता था।

    व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए परिवहन विभाग से वार्ता चल रही है। फंड ही उपलब्धता होने पर सब कुछ सामान्य होगा। फंड की कमी के कारण चालान पोस्ट करने में परेशानी हो रही है- राज कुमार मेहता, सिटी एसपी व प्रभारी ट्रैफिक एसपी, रांची।

    यह भी पढ़ें: धनबाद है तैयार... 1 मार्च को पीएम मोदी का जमकर होगा स्‍वागत, तैयारियां पूरी; रांची से आ रही फूड सेफ्टी की टीम

    यह भी पढ़ें: JSSC Paper Leak Case: 'CBI से जांच...', पेपर लीक मामले में चंपई सोरेन के मंत्री ने दिया बड़ा बयान