रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव कुमार को कोलकाता में 50 लाख रुपये देकर पकड़वाने वाले कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल से कैश कांड की जांच कर रही दिल्ली सीबीआई की टीम ने गुरुवार को लंबी पूछताछ की।

अमित अग्रवाल फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में बंद है, जिनसे जेल में ही सीबीआई की टीम ने छह घंटे तक पूछताछ की है और यह जानने की कोशिश की है कि उनके व अधिवक्ता राजीव कुमार के बीच क्या बातचीत हुई थी और कैसे रुपये के लेन-देन संबंधित डील हुए थे। सीबीआई दिल्ली की तीन सदस्यीय टीम गुरुवार की सुबह दस बजे सेंट्रल जेल में पहुंची थी और शाम के चार बजे जेल से बाहर निकली।

अमित अग्रवाल को ईडी ने ही मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार किया था। उस पर झारखंड उच्च न्यायालय में दाखिल एक जनहित याचिका को मैनेज करने के नाम पर अधिवक्ता राजीव कुमार से बातचीत करने, रुपयों का लालच देने और 50 लाख रुपये देने का आरोप है।

झारखंड उच्च न्यायालय ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिश्वत कांड की जांच करने का सीबीआई को निर्देश दिया था। इसके बाद ही सीबीआई दिल्ली ने इस मामले में पीई दर्ज करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू की है। 15 दिनों के भीतर पीई जांच पूरी कर सीबीआई को झारखंड हाई कोर्ट में अपनी रिपोर्ट देनी है। इसी जांच के सिलसिले में एक दिन पहले यानी बुधवार को सीबीआई ने अधिवक्ता राजीव कुमार से पूछताछ की थी।

कैसे हुई डील, किसको-किसको मैनेज करने की हुई थी बात

सीबीआई ने अमित अग्रवाल से पूछा कि जनहित याचिका को मैनेज करने के लिए कैसे डील हुई। व्हाट्सएप व फोन पर क्या बातें हुईं। पूर्व में जो बातें सामने आ चुकी हैं कि अधिवक्ता राजीव कुमार ने दस करोड़ रुपये की मांग की थी और एक करोड़ में सौदा तय हुआ था, यह कितना सही है और इसके क्या सबूत हैं? किन-किन अधिकारियों व न्यायिक पदाधिकारियों को मैनेज करने की बात हुई थी? इन सभी बिंदुओं पर सीबीआई ने अमित अग्रवाल से पूछताछ की है।

Edited By: Yogesh Sahu

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