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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Palamu News: बिहार-झारखंड के बार्डर पर भड़का जातीय उन्माद, राजपूत और कुशवाहा समुदायों के बीच भिड़ंत

By Mritunjay PathakEdited By: M Ekhlaque
Published: Sun, 25 Sep 2022 03:22 PM (IST)Updated: Sun, 25 Sep 2022 03:24 PM (IST)

Jharkhand News पलामू-औरंगाबाद सीमा स्थित हरिहरगंज में एक युवक की हत्या के बाद से जातीय तनाव बरकरार है। इस हत्याकांड ...और पढ़ें

Palamu News: झारखंड के पलामू शहर में तैनात पुलिस जवान।
Palamu News: झारखंड के पलामू शहर में तैनात पुलिस जवान।

पलामू, (मृत्युंजय पाठक)। झारखंड के पलामू और बिहार के औरंगाबाद जिले की सीमा स्थित हरिहरगंज और कुटुंबा थाना क्षेत्र में जातीय तनाव बढ़ रहा है। एक तरफ राजपूत जाति के कतिपय प्रभावी लोग शामिल हैं तो दूसरी तरफ कुशवाहा (कोइरी)। साइबर स्पेस से निकलकर अब सड़क पर लड़ाई शुरू हो गई है। दोनों तरफ से इंटरनेट मीडिया में भद्दी-भद्दी टिप्पणी की जा रही है। इससे माहौल विषाक्त हो रहा है। इसे समाज के प्रबुद्ध लोगों को रोकने के लिए आगे आने की जरूरत है।

सुजीत की हत्या के बाद इलाके में बढ़ा तनाव

यूंं तो इस इलाके में जातीय राजनीति प्रभावी रही है। इसका प्रतिकूल असर समाज पर पड़ता रहा है। 5 अगस्त को औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के दधपा बिगहा गांव निवासी सुजीत मेहता की हत्या की गई। सुजीत की पत्नी सुमन देवी अंबा से जिला परिषद सदस्य रह चुकी है। सुमन ने आकाश कुमार सिंह, चुन्ना सिंह और नंद किशोर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोपित आकाश सिंह के पिता मुन्ना सिंह की हत्या का सुजीत आरोपी रहा है।

इंटरनेट मीडिया पर फैलाया जा रहा जातीय उन्माद

सुजीत मेहता की हत्या के बाद से जिले में सोशल मीडिया पर जातीय उन्माद फैला हुआ है। लाइव के जरिए एक दूसरे के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जा रही है। दूसरी तरफ सुजीत मेहता के हत्या के बाद जिले के साथ-साथ पूरे बिहार में कुशवाहा समाज के लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया था और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इसमें हुसैनाबाद के पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। बिहार की घटना के विरोध में झारखंड पलामू के हरिहरगंज में मशाल जुलूस निकाला। शिवपूजन की गिरफ्तारी के लिए औरंगाबाद में प्रदर्शन 18 सितंबर को औरंगाबाद जिला मुख्यालय में पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता की गिरफ्तारी के लिए राष्टरवादी जन लोक पार्टी के जिला अध्यक्ष दिवेश सिंह के नेतृत्व में रैली निकाली गई। सिंह का कहना है कि सुजीत मेहता हत्याकांड में पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता द्वारा एक जाति विशेष को टारगेट किया गया है तथा जातीय उन्माद पैदा किया जा रहा है। 15 दिन के अंदर गिरफ्तारी नहीं हुई बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

हरिहरगंज थाना में दोनों तरफ से एफआइआर

19 सितंबर को कथित रूप से हरिहरंज में शिवपूजन मेहता पर हमले की कोशिश की गई है। कुटुंबा से तीन युवकों ने आकर मेहता के घर के सामने पिस्टल चमकाया। मेहता के बाडीगार्ड ने एक को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया। इस मामले में दोनों तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता कहते हैं-मेरी लड़ाई किसी जाति से नहीं है। हर जाति के लोगों का सम्मान करता हूं। मेरी लड़ाई अपराधियों से है। सुजीत मेहता की हत्या के बाद न्याय के लिए लड़ रहा हूं इसलिए मुझे निशाना बनाया जा रहा है।

न्याय के लिए हरिहरगंज में धरना प्रदर्शन का आयोजन

सुजीत मेहता हत्याकांड में न्याय के लिए हुसैनाबाद के पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता आज हरिहरगंज में धरना देंगे। उन्होंने हरिहरगंज थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की है। धरना में बिहार के औरंगाबाद से भी लोगों के भाग लेने की संभावना है।