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    Black Fungus: ब्लैक फंगस से झारखंड में 8 की मौत, अबतक 50 मामले, 21 मरीजों में पुष्टि Black Fungal Infection Symptoms

    By Alok ShahiEdited By:
    Updated: Wed, 26 May 2021 04:44 AM (IST)

    Black Fungus Infection Symptoms झारखंड में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) से चिंता बढ़ा रही है। अबतक 21 मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है जबकि 29 संभावित मरीज हैं। संभावित मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं 21 पुष्ट मरीजों में अबतक आठ मरीजों की मौत हो चुकी है।

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    Black Fungus Infection Symptoms: झारखंड में ब्‍लैक फंगस से अबतक 8 मौतें हो चुकी हैं।

    रांची, राज्य ब्यूरो। Black Fungus Infection Symptoms राज्य में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) बीमारी चिंता बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां अबतक 21 मरीजों में इसके संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि 29 संभावित मरीज हैं। संभावित मरीजों का भी किसी न किसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, 21 पुष्ट मरीजों में अबतक आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें रांची के तीन, पूर्वी सिंहभूम के तीन तथा रामगढ़ व चतरा के एक-एक मरीज शामिल हैं। पूर्वी सिंहभूम के मरीज की मौत टीएमएच, जमशेदपुर, रांची व रामगढ़ के मरीज की मौत रिम्स तथा चतरा के मरीज की मौत मेडिका, रांची में हुई है।

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    ब्लैक फंगस के पुष्ट 21 मरीजों में पूर्वी सिंहभूम के दस, रांची के पांच, रामगढ़ के तीन तथा चतरा, देवघर व जामताड़ा के एक-एक मरीज शामिल हैं। संभावित 29 मरीजों में रांची के नौ, गिरिडीह व रामगढ़ के तीन-तीन, बोकारो, धनबाद, कोडरमा व पूर्वी सिंहभूम के दो-दो तथा चतरा, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, लातेहार व साहिबगंज के एक-एक मरीज शामिल हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज रिम्स-रांची, एमजीएम-जमशेदपुर, टीएमएच-जमशेदपुर, मेडिका-रांची तथा मां रामप्यारी अस्पताल, रांची में हो रहा है।

    वर्तमान में नहीं है एंफोेटेरेसिन-बी इंजेक्शन की कमी

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में एंफोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की दो हजार वायल पहले से उपलब्ध थी। इनमें से 1,007 वायल विभिन्न जिलों को भेजे गए हैं। वहीं चार दिनों में राज्य को 160 वायल इंजेक्शन केंद्र से भी मिले हैं। अस्पतालों को यह इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर एक कमेटी गठित की गई है। सरकारी अस्पतालों को यह इंजेक्शन मुफ्त दिया जा रहा है जबकि निजी अस्पतालों से खरीद मूल्य की राशि ली जाती है। अस्पताल एंफो झारखंड जीमेल डॉट कॉम पर ई-मेल से इस इंजेक्शनक की डिमांड कर सकते हैं।

    पांच जिलों में हुई अधिक मौतें, डेथ ऑडिट कराएगी सरकार

    राज्य सरकार ने कोरोना मरीजों की होनेवाली मौत की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। कोरोना की दूसरी लहर में पांच जिलों रांची, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग में हुई अधिक मौत के कारणों की पड़ताल के लिए उन जिलों में हुई मौत की डेथ ऑडिट कराई जाएगी। इसे लेकर दो अलग-अलग कमेटियां गठित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है।

    डेथ ऑडिट के लिए दो अलग-अलग कमेटियां गठित

    पहली कमेटी रिम्स-रांची, टाटा मेन हॉस्पिटल-जमशेदपुर तथा शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज- हजारीबाग में हुई मौत की ऑडिट करेगी। इसकी जिम्मेदारी पहली कमेटी को दी गई है जिनमें डा. लक्ष्मण लाल, निदेशक-चिकित्सा शिक्षा, डॉ दिनेश माथुर, हेल्थ ऑफिसर-यूनिसेफ, डॉ आर एन शर्मा, एसीएमओ-रांची, डॉक्टर साहिर पाल, एसीएमओ-पूर्वी सिंहभूम, डॉ एसके कांत, डॉ अनुज रजक, सुमन कुंडूलुना, डॉ दीपक कुमार शामिल हैं।

    इसी तरह, बोकारो जनरल अस्पताल-बोकारो तथा शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज-धनबाद में डेथ ऑडिट की जिम्मेदारी उप निदेशक डा. एसएन झा, यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉक्टर राहुल कापसे, बोकारो के डीटीओ डा. एनपी सिंह, धनबाद के बीआरसीएचओ डा. विकास राणा, बोकारो के एसीएमओ डा. अमोल शिंदे तथा धनबाद के एसीएमओ डा. अमित कुमार को दी गई है। दोनों कमेटियां अपनी रिपोर्ट 31 मई तक राज्य सरकार को सौंपेंगी।