रांची, राज्य ब्यूरो। केंद्र सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खामियां गिनाने वाले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने बहस की चुनौती दी है, दावा किया है कि बहस के बाद उनके सारे भ्रम दूर हो जाएंगे। कुणाल ने मंत्री के बयान को अव्यवहारिक बताया। कहा, शिक्षा मंत्री का यह बयान निराशाजनक और जानकारी के अभाव को दर्शाता है। कुणाल ने कहा कि महज विरोध और राजनीतिक एजेंडों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा मंत्री को पर्याप्त जानकारी नहीं है। वे स्वयं भ्रम की स्थिति में हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने दोहराया, विचार-विमर्श के बाद ही राज्य में लागू करेंगे राष्ट्रीय शिक्षा नीति

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने दोहराया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद ही लागू किया जाएगा। कहा कि इसपर बुद्धिजीवियों की भी राय ली जाएगी। कोई भी अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा। इससे पहले भी शिक्षा मंत्री राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कई खामियां गिना चुके हैं। उन्होंने 2020 तक पारा शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करने पर भी सवाल उठाया है। साथ ही, मिड डे मील में बच्चों को ब्रेकफास्ट देने के प्राविधान को शिक्षा हित के विरुद्ध बताया है।

 

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