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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पलामू प्रमंडल में भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं! इस दिग्गज नेता के पार्टी में शामिल होने बगावती हुए नेता-कार्यकर्ता

Published: Sat, 05 Oct 2024 07:54 PM (IST)

झारखंड में बीजेपी को कमलेश सिंह के पार्टी में शामिल होने से झटका लगा है। हुसैनाबाद के भाजपा कार्यकर्ता इस ...और पढ़ें

हुसैनाबाद के भाजपा कार्यकर्ताओं का तेवर पलामू में बदलेगा समीकरण।
हुसैनाबाद के भाजपा कार्यकर्ताओं का तेवर पलामू में बदलेगा समीकरण।

HighLights

  1. हुसैनाबाद के सात भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश सिंह की एंट्री और टिकट देने का कर रहे हैं विरोध
  2. पुराने कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा तो पूरे पलामू प्रमंडल में भाजपा की बढ़ेगी मुश्किल

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हुसैनाबाद के विधायक कमलेश सिंह अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। लेकिन उनके गृहक्षेत्र हुसैनाबाद के भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के इस निर्णय का खुलकर विरोध जता चुके हैं।

हुसैनाबाद में भाजपा के सात मंडल हैं। सभी मंडल अध्यक्षों ने पार्टी को चेतावनी दी है कि अगर विधानसभा चुनाव में कमलेश सिंह को टिकट दिया जाता है तो, वो सामूहिक इस्तीफा सौंप देंगे।

यह स्थिति पूरे पलामू प्रमंडल में भाजपा को असहज कर सकती है। विरोध कर रहे मंडल अध्यक्षों को हुसैनाबाद से टिकट की प्रत्याशा कर रहे अन्य प्रत्याशियों का समर्थन भी मिल रहा है।

हुसैनाबाद ग्रामीण भाजपा के मंडल अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने प्रताड़ना झेली है वो कमलेश सिंह के लिए कैसे चुनाव प्रचार करेंगे।

पलामू प्रमंडल में बदलेगा भाजपा का समीकरण

कमलेश सिंह के गृहक्षेत्र हुसैनाबाद के पड़ोस में भवनाथपुर और डाल्टनगंज सीट है। यहां से भाजपा के विधायक हैं। इसके अलावा पलामू प्रमंडल की 9 विधानसभा सीटों पर भाजपा के कई नेताओं की दावेदारी है। लेकिन कमलेश सिंह की वजह से यहां का जातीय समीकरण भी प्रभावित होगा। मोहम्मदगंज मंडल भाजपा के अध्यक्ष नीरज सिंह का कहना है कि पार्टी कभी इस सीट को गठबंधन में दे देती है, कभी यहां से बाहरी प्रत्याशी देने की चर्चा होती है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है। उन्होंने कहा कि पहले ही पार्टी को इस तरह के निर्णय से बचने की सलाह दी थी। अब अगर उन्हें टिकट दे दिया गया तो पूरे पलामू प्रमंडल से कई प्रतिबद्ध भाजपा के नेता और कार्यकर्ता के पास सामूहिक इस्तीफा देने के अलावा कोई उपाय नहीं बचेगा।