राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में खूंटी के अड़की थाना क्षेत्र स्थित कोचांग में पांच युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म की घटना की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। सभी पांच लड़कियों से छह युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था, जिनमें दो आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पीड़ित युवतियों ने महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि कोचांग बाजार टांड़ स्थित मिशनरी स्कूल के फादर ने अपराधियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म करवाया। फादर ने ही उन्हें लड़कों के साथ जाने के लिए कहा था। पुलिस ने षड्यंत्र रचने के आरोप में फादर अल्फोंस आइंद को भी जेल भेज दिया है।

सामूहिक दुष्कर्म के छह आरोपितों में शामिल दो आरोपित अजूब सांडी पूर्ति व आशीष लोंगो को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। दोनों आरोपितों ने स्वीकारोक्ति बयान में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। एडीजी ऑपरेशन आरके मल्लिक ने शनिवार को डीआइजी रांची के कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि षडयंत्र के तहत प्रतिशोध में इस घटना को अंजाम दिया गया। पत्थलगड़ी व मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने के विरोध में ही कुल छह आरोपितों ने सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना को अंजाम दिया।

ऐसे संदेह के घेरे में हैं फादर
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़ित युवतियों ने महिला थाने में जो बयान दिया है, वह चौंकाने वाला है। पांच लड़कियां चार पुरुष व दो सिस्टर के साथ नुक्कड़ नाटक के लिए एक बोलेरो गाड़ी व एक आल्टो कार से 19 जून को दिन के साढ़े 11 बजे कोचांग स्थित बाजारटांड़ पहुंचे थे। वहां मानव तस्करी के विरुद्ध उनका कार्यक्रम प्रस्तावित था। कुछ देर तक नुक्कड़ नाटक किया गया। भीड़ कम थी, जिसके चलते थोड़ी देर ही कार्यक्रम चला। उनके साथ आई दोनों सिस्टर बगल के चर्च के माध्यम से संचालित स्कूल में चली गई। थोड़ी देर बाद उनका चालक आया और उन्हें कहा कि वे लोग स्कूल में चलें, वहां कार्यक्रम होगा। मना करने पर भी जब लोग नहीं माने तो सभी कलाकार स्कूल में पहुंचे। वहां मौजूद दोनों सिस्टर ने कहा कि स्कूल में भीड़ है, वे लोग वहीं पर कार्यक्रम करें। सिस्टर वहां पर फादर से बात करने लगीं।

इसी बीच, दो मोटरसाइकिल पर सवार चार लड़के फादर अल्फोंस आइंद के पास पहुंचे और कुछ देर तक बातचीत की। चारों लड़कों में एक के पास कमर में पिस्तौल थी, जिसे देखकर सभी कलाकार डर गए। वहां पर फादर अल्फोंस ने ही सभी युवतियों को कहा कि उन्हें दो घंटे के लिए लड़कों के साथ जाना होगा, वे लड़के उन्हें फिर पहुंचा देंगे। युवतियों ने कहा भी कि वे सिस्टर के साथ आई हैं, सिस्टर के साथ ही जाएंगी। जब सिस्टर जाने को तैयार हुई तो फादर ने उन्हें रोक दिया। युवतियां फादर के पास गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन फादर नहीं माने। उन्होंने लड़कों के साथ जाने का दबाव बनाया। यहां से पांच युवतियों व चार युवकों को जबरन गाड़ी पर बैठाकर अपराधी जंगल ले गए। वहां युवतियों के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म के साथ उनसे अमानवीय व्यवहार करते हुए उनकी अश्लील फोटोग्राफी की गई।

लड़कियों के नाजुक अंगों में डंडा डाल दिया गया। अपराधी यह कह रहे थे कि पत्थलगड़ी क्षेत्र में बिना आदेश के वे लोग कैसे आए। अगली बार बिना आदेश के आए तो इससे भी बुरा हाल करेंगे। सभी आरोपितों ने कलाकारों को फिर उसी स्कूल में पहुंचा दिया। शाम करीब पौने छह बजे फादर अल्फोंस आइंद व सिस्टर के पास सभी कलाकार पहुंचे। फादर व सिस्टर ने समझाया कि इसकी सूचना कहीं नहीं देनी है। सूचना देने पर पीड़ितों के माता-पिता की हत्या हो जाएगी। इसके बाद सभी अपने-अपने घर लौट गई।

सदमे से बाहर निकालने की हो रही कोशिश
एडीजी आरके मल्लिक ने बताया कि सभी पांच पीड़ित युवतियों की मेडिकल जांच हो चुकी है। सभी युवतियां सुरक्षित जगह पर हैं, जिनकी काउंसिलिंग हो रही है। उन्हें सदमे से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।

Posted By: Sachin Mishra