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    Jharkhand Crime : जालसाजी मामले में CBI का बड़ा एक्शन, ओडिशा की कंपनी पर केस दर्ज; जानिए क्या है पूरा मामला

    By Dilip Kumar Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 08 Jan 2024 09:25 PM (IST)

    सीबीआइ की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ओडिशा के भुवनेश्वर खोरधा स्थित मेसर्स हंटिंग हॉक्स एंड सिक्योरिटी फेसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जालसाजी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। कंपनी पर 85 लाख रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देकर मेकान में टेंडर लेने व संतोषजनक कार्य नहीं करने का आरेाप है। प्राथमिकी पांच जनवरी को दर्ज की गई है।

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    Jharkhand Crime : जालसाजी मामले में CBI का बड़ा एक्शन, ओडिशा की कंपनी पर केस दर्ज;

    राज्य ब्यूरो, रांची। सीबीआइ की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ओडिशा के भुवनेश्वर खोरधा स्थित मेसर्स हंटिंग हॉक्स एंड सिक्योरिटी फेसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध जालसाजी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। कंपनी पर 85 लाख रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देकर मेकान में टेंडर लेने व संतोषजनक कार्य नहीं करने का आरेाप है।

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    प्राथमिकी पांच जनवरी को दर्ज की गई है, जिसके शिकायतकर्ता मेकान के उप महाप्रबंधक कार्मिक केटी दुराई हैं। कांड के अनुसंधानकर्ता एसीबी के डीएसपी ब्रजेश कुमार बनाए गए हैं। सीबीआइ ने रांची के डोरंडा थाने में दो जनवरी 2019 को दर्ज कांड संख्या 03/2019 को टेकओवर करते हुए अपने यहां प्राथमिकी दर्ज की है।

    क्या है पूरा मामला

    शिकायतकर्ता मेकान के उप महाप्रबंधक प्रभारी कार्मिक केटी दुराई ने धोखाधड़ी-जालसाजी का आरोप मेसर्स हंटिंग हाक्स सिक्योरिटी एंड फेसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर लगाया था। इस कंपनी के तत्कालीन निदेशक रंजन कुमार थे। इस कंपनी का कार्यालय ओडिशा के भुवनेश्वर में खोरधा स्थित प्लाट नंबर ए/318 साहिद नगर में है।

    केटी दुराई के अनुसार मेकान में मैनपावर सप्लाई के लिए 29 अप्रैल 2017 को टेंडर निकला था, जिसमें इस कंपनी ने 85 लाख रुपये की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। उस बैंक गारंटी एसबीआइ की कलिंगा नगर शाखा से 31 जुलाई 2017 को ली गई थी। उस बैंक गारंटी पर दो बैंक अधिकारियों का फर्जी हस्ताक्षर भी था।

    काम संतोषजनक नहीं मिलने पर मेकान ने उक्त कंपनी को 24 दिसंबर 2018 को हटा दिया था। उसका टेंडर रद्द कर दिया गया था। नियम के अनुसार मेकान ने जब कंपनी की बैंक गारंटी को जब्त करने के लिए ओडिशा के कलिंगा नगर शाखा पहुंची तो वहां ऐसा कोई ब्रांच ही नहीं पाया। बैंक गारंटी पर हस्ताक्षर भी फर्जी पाया गया।

    इससे यह साबित हो गया कि कंपनी ने फर्जी बैंक गारंटी पर टेंडर लिया था। यह आपराधिक साजिश है। इसके बाद ही उक्त कंपनी पर डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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