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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमित शाह के प्रवास ने झारखंड भाजपा में फूंकी जान

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 17 Sep 2017 11:13 AM (IST)

अमित शाह के प्रवास ने झारखंड भाजपा में नई जान फूंक दी है।

अमित शाह के प्रवास ने झारखंड भाजपा में फूंकी जान
अमित शाह के प्रवास ने झारखंड भाजपा में फूंकी जान

राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिनों के लगातार प्रवास ने झारखंड भाजपा में नई जान फूंक दी है। पूरी की पूरी प्रदेश भाजपा एक टीम के रूप में नजर आ रही है। सीन से गायब हो चुके नेता मुख्यधारा में नजर आ रहे हैं जो कि पार्टी के लिए चुनावी दृष्टिकोण से सकारात्मक संकेत है। लेकिन देखना यह भी होगा कि यह एकजुटता शाह के दौर भर के लिए है या आगे भी दिखेगी।

मिशन 2019 पर फोकस कर रहे अमित शाह ने झारखंड से लोकसभा की सभी 14 सीटें और विधानसभा की 60 सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैराथन बैठक कर उन्होंने कोर टीम से लेकर जिले की ईकाइयों तक को निर्देश दिया है। चुनावी प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ माने जाने वालों ने कमजोर कडि़यों को अपनी बैठकों के दौरान पकड़ा है और उसे दूर करने मंत्र भी सुझाया है।

20 लाख सदस्यों के सत्यापन के साथ-साथ हर बूथ से 10 नए सदस्य बनाने का टास्क सौंपा गया है। शाह ने अपने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की भी जवाबदेही संगठन के प्रति तय की है। बूथ जीतो, चुनाव जीतो के मंत्र पर काम करने वाले शाह का सारा फोकस बूथों पर है।

अर्जुन मुंडा की सक्रियता

हाल के दिनों में संगठन से दूरी बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा अमित शाह के दौरे के दौरान पूरी तरह से सक्रिय दिखे। शाह के स्तर से पार्टी कार्यालय के भीतर ली गई तकरीबन सभी बैठकों में तो वे उपस्थित रहे ही कार्यालय के बाहर होने वाले कार्यक्रमों भी उपस्थिति दर्ज कराई। अमित शाह ने भी उन्हें पूरा महत्व देते हुए पार्टी नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया।

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