रांची, राज्य ब्यूरो। B.Ed Admission & Counselling 2021 राज्य के सरकारी व निजी संस्थानों में संचालित बीएड पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों पर नामांकन के लिए अंतिम ऑनलाइन काउंसिलिंग 15 अप्रैल से शुरू होगी। झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के अनुसार, इस काउंसिलिंग में वैसे अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं जो पूर्व की चार काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सके हैं या उन्हें सीट आवंटित नहीं हुआ है। संस्थान बदलने के लिए भी इसमें भाग लिया जा सकता है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 अप्रैल को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा। 16 अप्रैल को अंतिम मेधा सूची जारी की जाएगी जबकि 17-18 अप्रैल को ऑनलाइन च्वाइस लिया जाएगा। 21-23 अप्रैल को सीटों का आवंटन तथा नामांकन होगा। इधर, पर्षद ने झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों पर नामांकन के लिए बुधवार से विशेष ऑनलाइन काउंसिलिंग का निर्णय लिया है।

जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में उम्र घटाने की मांग वाली याचिका खारिज

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में जेपीएससी की ओर से संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उम्र के कट ऑफ डेट को घटाने की मांग वाली एक अन्य याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में अमित कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वर्ष 2020 में संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए निकाले गए विज्ञापन में उम्र का कट ऑफ ऑफ डेट 2011 रखा गया था। कुछ कारणों से सरकार ने विज्ञापन को वापस ले लिया।

एक साल बाद जेपीएससी की ओर से दोबारा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए विज्ञापन निकाला गया है, जिसमें उम्र की कट ऑफ डेट एक अगस्त 2016 रखी गई है। कहा गया कि इस विज्ञापन में उम्र के कट ऑफ डेट को एक अगस्त 2016 की जगह एक अगस्त 2011 किया जाए। नियमानुसार हर साल सिविल सेवा की परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया है। इस मामले में जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल व प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा। इससे पहले भी अदालत ने इस तरह के मामले को पूर्व में खारिज कर दिया था।

महिला पर्यवेक्षिका बहाली को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में राज्य में 324 महिला पर्यवेक्षिका की बहाली को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि तीन साल से ज्यादा समय पहले ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब सभी सफल उम्मीदवार को पार्टी बना कर ही याचिका दाखिल की जा सकती है। इसके बाद अदालत ने उक्त याचिका को खारिज कर दिया।

इस संबंध में मौसमी रानी ने याचिका दाखिल कर उसके फिजिकल न्यूट्रिशन एडं डायटिशियन की डिग्री को होम साइंस में स्नातक के समकक्ष मानते हुए सरकार को बहाली के लिए निर्देश देने का आग्रह किया था। राज्य कर्मचारी चयन आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल व प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि प्रार्थी की डिग्री होम साइंस के समकक्ष नहीं है। इस पर रांची विवि ने माना है कि इसमें होम साइंस के 40 प्रतिशत विषय ही समाहित हैं। जबकि स्नातक की डिग्री के 70 प्रतिशत विषय का शामिल रहना जरूरी है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।

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