Jharkhand High Court: प्रशास से पूछा-ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा, जल्द लाएं सुधार
हाई कोर्ट में हजारीबाग की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने ट्रैफिक व्यवस्था सुगम करने और इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्वचालित ट्रैफिक लाइट निगरानी सिस्टम सीसीटीवी और अन्य उपकरण लगाने को कहा है। सुनवाई के दौरान हजारीबाग के डीसी एसपी और नगर प्रशासक कोर्ट में उपस्थित थे।

राज्य ब्यूरो, रांची । हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हजारीबाग की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की मांग वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
अदालत ने ट्रैफिक व्यवस्था सुगम करने और इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्वचालित ट्रैफिक लाइट निगरानी सिस्टम, सीसीटीवी और अन्य उपकरण लगाने को कहा है। सुनवाई के दौरान हजारीबाग के डीसी, एसपी और नगर प्रशासक कोर्ट में उपस्थित थे।
अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पूर्व में दिए गए आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। उपायुक्त की ओर से बताया गया कि स्वचलित ट्रैफिक लाइट निगरानी सिस्टम लगाने में 38.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके लिए नगर विकास विभाग के पास फाइल भेजी गई है। विभाग से अभी अनुमति नहीं मिली है। चीफ जस्टिस ने डीसी से कहा कि आप अभी सचिव से बात करें और कोर्ट को बताएं कि कितने दिनों में अनुमति मिलेगी। इसके बाद कोर्ट ने कुछ देर के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।
दोबारा सुनवाई शुरू होने पर उपायुक्त ने कोर्ट को बताया कि चार सप्ताह का समय मिलने पर सभी इंतजाम कर दिए जाएंगे। ट्रैफिक सुगम कर दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई सात अक्टूबर को होगी। अदालत ने कहा कि हजारीबाग की ट्रैफिक व्यवस्था जल्द सुदृढ़ करें।
सीसीटीवी कैमरा कैमरा लगाएं और उसका मेंटेनेंस भी हो ताकि वह अच्छी तरह काम कर सके। अदालत ने अधिकारियों से सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि दोबारा अतिक्रमण नहीं हो।
वाहनों से प्रेशर हार्न, काला शीशा, दो पहिया वाहनों पर ट्रिपल राइड रोकने को कहा। ट्रिपल राइड और बिना हेलमेट के वाहन चलाने और कार में सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सरकार के जवाब पर प्रार्थी के अधिवक्ता ने विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि निगम ने अपने जवाब में कहा है कि सभी सीसीटीवी कैमरा काम कर रहे हैं, यह गलत है। शहर में जब भी वारदात होती है और इसकी खबर छपती है उसमें स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि वहां का सीसीटीवी कैमरा खराब है।
प्रार्थी ने समाचार पत्रों में छपी खबरों कोे दिखाते हुए कहा कि सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। निगम ने गलत जवाब देकर कोर्ट को गुमराह किया है। अदालत को बताया कि शहर में ई-रिक्शा लगातार बढ़ रहे हैं। इससे जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं।
अदालत ने ई रिक्शा की भी निगरानी करने की बात कही। इस संबंध में अच्युत स्वरूप मिश्रा की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।