Jharkhand News: DGP पद से हटाए गए अजय कुमार, अनुराग गुप्ता को फिर झारखंड पुलिस की कमान
झारखंड में हेमंत सोरेन सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही एक्शन मोड में आ गए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने डीजीपी अनुराग गुप्ता को हटाकर अजय कुमार सिंह को झारखंड का डीजीपी बनाया था। अब सोरेन सरकार ने एक बार फिर अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाया है। इसके साथ ही देआइपीएस अधिकारी अजीत पीटर डुंगडुंग को देवघर एसपी बनाया गया है।
राज्य ब्यूरो, रांची। भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर चुनाव के समय जिन अधिकारियों को हटाया गया था, मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण करते ही सबसे पहले उन अधिकारियों को फिर से उनके उसी पद पर पदस्थापित कर दिया है। एक बार फिर 1989 बैच के आइपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह को डीजीपी के पद से हटाकर झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड रांची का अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बनाया गया है। उनके स्थान पर सीआइडी के डीजी अनुराग गुप्ता को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अजीत पीटर डुंगडुंग को बनाया गया एसपी देवघर
अनुराग गुप्ता अपने कार्यों के अतिरिक्त एसीबी के डीजी के प्रभार में भी रहेंगे। जैप-5 देवघर के समादेष्टा अजीत पीटर डुंगडुंग को स्थानांतरित करते हुए एसपी देवघर बनाया गया है। डुंगडुंग अपने कार्यों के अतिरिक्त जैप-5 के समादेष्टा के प्रभार में भी रहेंगे। वहीं, एसपी देवघर अंबर लकड़ा को जैप-3 गोविंदपुर का समादेष्टा बनाया गया है। वे अपने कार्यों के अतिरिक्त एसपी रेल धनबाद के प्रभार में भी रहेंगे। गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार की शाम इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है।
26 जुलाई को भी हटाए गए थे डीजीपी अजय कुमार सिंह
1989 बैच के आइपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह को हेमंत सोरेन की सरकार ने ही 26 जुलाई को झारखंड पुलिस के नियमित डीजीपी के पद से हटाकर झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बनाया था। उनके स्थान पर अनुराग गुप्ता को झारखंड का प्रभारी डीजीपी बनाया गया था। झारखंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को 19 अक्टूबर को प्रभारी डीजीपी के पद से हटाकर अजय कुमार सिंह को फिर से डीजीपी के पद पर पदस्थापित किया गया था। एक बार फिर 26 जुलाई जैसा निर्णय राज्य सरकार ने दोहराया है।
विवादों में रहे अनुराग गुप्ता
झारखंड के नए डीजीरपी का कार्यकाल भी विवादों में रहा है। उन पर एडीजी रहते हुए पद का दुरुपयोग करने के आरोप भी लग चुके हैं। इसके अलावा साल 2016 के राज्यसभा चुनाव में अनुराग गुप्ता पर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष के वोट देने के लिए बड़कागांव की तत्कालीन कांग्रेस विधायक निर्मला देवी को लालच देने और उनके पति को धमकाने का भी आरोप लगा है। हालांकि, रांची पुलिस ने उन्हें इस मामले में क्लीन चिट दे दी।
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