Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'हममें से किसी को भी बनाएं मंत्री...', उम्मीदें लेकर दिल्‍ली से लौटे कांग्रेस विधायक, आलाकमान ने फेरबदल का दिलाया भरोसा

    कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों का कुनबा बुधवार को नई दिल्ली से रांची वापस लौट आया है। ये पिछले पांच दिनों से दिल्‍ली में जमे हुए थे। इन्‍होंने कांग्रेस कोटे से चार मंत्रियों (आमलगीर आलम रामेश्वर उरांव बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख) के स्‍थान पर नए चेहरों को मौका देने को लेकर दबाव बनाया था। इनका कहना है कि इनमें से किसी को भी मंत्री बनाया जाए आपत्ति‍ नहीं है।

    By Pradeep singh Edited By: Arijita Sen Updated: Thu, 22 Feb 2024 08:37 AM (IST)
    Hero Image
    बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से बाहर निकलते कांग्रेस के नाराज विधायक अनूप सिंह, अंबा प्रसाद, राजेश कच्छप व अन्य।

    राज्य ब्यूरो, रांची। कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों का कुनबा बुधवार को नई दिल्ली से रांची वापस लौट आया। ये विधायक पिछले पांच दिनों से दिल्ली में जमे थे। इन्होंने कांग्रेस कोटे से चम्पाई सरकार में शामिल किए गए चार मंत्रियों के स्थान पर नए चेहरों को मौका देने को लेकर दबाव बनाया था। आरंभ में लगा कि इनका अभियान फुस्स हो जाएगा, लेकिन इन्होंने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए दिल्ली की राह पकड़ी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    विधायकों को उम्‍मीद नए चेहरों को मिलेगी जगह

    आठ विधायक दिल्ली चले गए, जबकि चार अन्य विधायक उनके साथ खड़े थे। इन विधायकों ने दिल्ली में आलाकमान के समक्ष अपनी बातें रखी। इनका दावा है कि आलाकमान झारखंड को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसका असर दिखेगा।

    विधायकों को पूरी उम्मीद है कि नए चेहरों को जगह मिलेगी। इन विधायकों से बातचीत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सह प्रभारी और मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार अधिकृत किए गए थे। सिंघार पूर्व से इन विधायकों से परिचित हैं, लिहाजा उन्हें डैमेज कंट्रोल की मुहिम में लगाया गया था।

    केसी वेणुगोपाल से बारी-बारी से मिले विधायक

    विधायकों ने दिल्ली में सिंघार के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से बारी-बारी से मिलकर अपनी भावनाओं से अवगत कराया। इन विधायकों ने कहा कि 12 में से किसी को भी मंत्री बनाया जाए। इसमें उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है।

    जिन चार विधायकों (आमलगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख) को मंत्री बनाया गया है, वे चार साल से अधिक समय तक पद पर रहे हैं। इनके कामकाज से कार्यकर्ता भी असंतुष्ट हैं। विधायकों को इनके कारण परेशानी आ रही है। चुनाव में इससे दिक्कत हो सकती है।

    हम पूरी तरह संतुष्ट, आदेश का पालन करेंगे - इरफान

    पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले जामताड़ा के कांग्रेस विधायक डा. इरफान अंसारी ने कहा कि हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। आलाकमान के आदेश का कड़ाई का पालन करेंगे। आगे चुनाव में जाना है और पूरी मजबूती के साथ इसमें लगेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में केसी वेणुगोपाल ने भी मिलकर हमारी बातों को गंभीरता से सुना। उमंग सिंघार पूर्व से झारखंड की राजनीतिक परिस्थितियों से अवगत रहे हैं। इन नेताओं को अपनी भावना से हमने अवगत करा दिया है।

    हम में से किसी को मंत्री बनाएं, आपत्ति नहीं

    बेरमो के कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने कहा कि 12 विधायकों में से किसी को भी मंत्री बना दें। हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। मौजूदा कांग्रेस के मंत्री शायद लायल्टी टेस्ट में सफल नहीं हो पाएं। विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि कांग्रेस कोटे के सारे मंत्री पार्टी के विधायकों की नहीं सुनते हैं।

    आलाकमान को सारी बातों से अवगत करा दिया गया है। जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा वे मंत्रियों को हटाने की मांग पर कायम हैं। इनके अलावा किसी को भी मंत्री बना दें।

    यह भी पढ़ें: झारखंड में रोजगार की होगी बौछार! इस प्लान पर काम कर रही चंपई सरकार; निवेशकों को भी लाने की कोशिशें तेज

    यह भी पढ़ें: झारखंड के लिए पीएम मोदी ने लगा दी तोहफों की झड़ी, 26 फरवरी को 226.71 करोड़ की देंगे सौगात