यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
50 प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं, उन्हें है हाइपरटेंशन; क्या आपको है पता? पढ़िए डॉक्टर की सलाह
Ranchi News हाइपरटेंशन के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। 50 प्रतिशत लोगों को पता नहीं है कि उन्हें ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रांची। 50 प्रतिशत लोगों को पता नहीं है कि उन्हें हाइपरटेंशन की बीमारी है। हाइपरटेंशन से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी जैसी बीमारी होती है, जो मौत का सबसे बड़ा कारण है। इसकी कुछ दवाइयां है, जिससे ठीक किया जा सकता है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जाकर मरीज अपना उपचार करा सकते हैं। इसे लेकर सजग रहने की जरूरत है। नियमित जांच कराने की आवश्यकता है। ये बातें कोलकाता के डा. संदीप घोष ने जैप वन में आयोजित हृदय समागम के समापन समारोह में कही।
डॉक्टर ने क्या सलाह दी?
डा. संदीप घोष ने कहा कि 18 वर्ष के बाद ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। मेडिकल अस्पताल के डा. धनंजय ने बताया कि पूरे विश्व में कार्डिएक इंटरवेंशन काफी आगे निकल चुका है, जो बिना चीड़फाड़ के हो सकती है। जीरो कान्ट्रास्ट एंजियोप्लास्टी से ब्लाकेज को हटाया जा सकता है।
किडनी के मरीजों के लिए डाइ नुकसानदेह हो होता है। इसमें बिना डाइ इस्तेमाल किए एंजियोग्राफी के बाद एंजियोप्लास्टी किया जा सकता है। इसमें अल्ट्रासाउंड की मदद ली जाती है, जो खास तकनीक है। डा. धनंजय ने बताया कि हार्ट में जो धमनियां होती है, उनमें रूकावट अलग-अलग तरह की होती है।
धमनियों के मुहाने और ब्रांच के रूकावट को एंजियोप्लास्टी से ठीक किया जा सकता है। हार्ट ब्लाकेज कैल्सिफाइड होने पर उसे ठीक किया जा सकता है। सिर्फ इनके लिए अलग अलग टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। सासाराम के डा. जीएन मिश्रा ने बताया कि हार्ट रोग से बचने के लिए जरूरी है कि 20 साल के बाद एक बार जरूर केलेस्ट्रोल की जांच कराएं।
वैसे 40 वर्ष में इसकी जांच अवश्य रूप से करानी चाहिए। साथ ही मधुमेह की भी जांच जरूरी है। दोनों मिलकर हार्ट अटैक की संभावना को बढ़ाते हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने की जरूरत है। इस मौके पर विभिन्न राज्यों से हृदय रोग विशेषज्ञ मौजूद थे।
