रांची, राज्य ब्यूरो। 3 Tablighi Jamaat Women Pregnant झारखंड एक बार फिर से सुर्खियों में है। वजह है तब्‍लीगी जमात। कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए अदालत से कड़ी फटकार खा चुकीं तब्‍लीगी जमात की 3 महिलाएं यहां गर्भवती मिली हैं। वह भी तब, जब वे पिछले करीब चार महीने से शासन-प्रशासन की कड़ी निगरानी में रहीं। ये महिलाएं राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की एक मस्जिद से पकड़ी गई थीं। उसके बाद उन्‍हें खेलगांव क्‍वारंटाइन सेंटर में दाखिल कराया गया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पहले कैंप जेल, फिर बिरसा मुंडा, होटवार जेल भेज दिया गया। जेल में हेल्‍थ चेकअप के दौरान इनके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। अब ये विदेशी महिलाएं जमानत पर जेल से बाहर आ गई हैं। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ है।

झारखंड एक बार फिर से देश-दुनिया में चर्चा में है। यहां तब्‍लीगी जमात से जुड़ी 3 महिलाएं लगातार 111 दिनों तक क्‍वारंटाइन सेंटर से लेकर जेल में कड़ी निगरानी में रहने के बावजूद गर्भवती मिली हैं। मामले का खुलासा होने के बाद नीचे से ऊपर तक शासन-प्रशासन में खलबली मची है। क्‍वारंटाइन सेंटर में शारीरिक दूरी का पालन करने के बजाय शारीरिक संबंध बनाने के मसले पर फिलहाल सभी ने चुप्‍पी साध रखी है। जिम्‍मेदार पदाधिकारी इस मामले में मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। पुलिस, प्रशासन, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और जेल इस मामले में अपनी गर्दन फंसते देख अपनी भूमिका से पल्‍ला झाड़ने में लगे हैं। इस बीच रांची के उपायुक्‍त छवि रंजन ने पूरे मामले की जांच के लिए एडिशनल कलक्‍टर को जिम्‍मेदारी सौंपी है।

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राजधानी रांची के खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में तब्लीगी जमात की तीन विदेशी महिलाओं के गर्भवती होने की खबर दैनिक जागरण में छपने के बाद पूरे झारखंड में हड़कंप मच गया है। रांची जिला उपायुक्त छवि रंजन ने बुधवार को इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एडिशनल कलेक्टर (अपर समाहर्ता) मामले की जांच करेंगे। क्वारंटाइन सेंटर में शारीरिक दूरी का पालन क्यों नहीं हुआ, इस सेंटर की निगरानी किसके जिम्मे थी, अब उससे पूछताछ की जाएगीइसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।

झारखंड हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ताओं के अनुसार अगर महिला क्वारंटाइन सेंटर में रहने के दौरान गर्भवती हुई है तो एपेडेमिक डिजिज एक्ट-2020 का उल्लंघन हुआ है। ऐसे में उक्त महिला व पुरुष के खिलाफ एक्ट की धारा 2 (3) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। वहीं, जिस प्रशासनिक अधिकारी के जिम्मे यहां की व्यवस्था थी उसके खिलाफ भी लापरवाही का मामला बनता है।

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गौरतलब है कि लॉकडाउन व वीजा नियमों के उल्लंघन के मामले में तब्लीगी जमात के 17 विदेशी नागरिकों के विरुद्ध रांची के हिंदपीढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले में सभी विदेशी नागरिक गिरफ्तार किए गए थे। तीनों महिलाएं उनके पति और अन्य विदेशी 30 मार्च से खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में थे, जहां से 20 मई को सभी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में भेजे गए थे। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को सभी जेल से बाहर निकले तो पता चला कि तीन महिलाएं तीन माह की गर्भवती हैं। दो माह पूर्व जेल में जाने से पूर्व महिलाओं ने बताया था कि वे एक-एक माह की गर्भवती हैं, जबकि वे 50 दिनों से क्वारंटाइन सेंटर में थीं।

अपने घर नहीं जा सकते जेल से छूटे 17 विदेशी, रांची में बनाया ठिकाना

झारखंड हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए तब्लीगी जमात से जुड़े 17 विदेशी नागरिक रांची में ही ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। नौ पुरुष कडरू स्थित एक घर में ठहरे में हैं। जबकि आठ लोग (चार दंपती) गुदड़ी चौक मिशन रोड में रह रहे हैं। स्थानीय तब्लीगी जमात के लोगों ने ही उनके रहने की व्यवस्था की है।

15 जुलाई को हाईकोर्ट से इन्हें इस शर्त पर जमानत मिली थी कि जब तक केस समाप्त नहीं हो जाता, कोई भी विदेशी भारत छोड़कर नहीं जाएगा। 17 विदेशियों में से मलेशिया की एक 22 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित पाई गई थी। झारखंड में कोरोना संक्रमण का यह पहला मामला था। निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक आयोजन में शामिल होकर ये सभी ट्रेन से रांची आए थे। इन पर लॉकडाउन और वीजा उल्लंघन का मामला दर्ज है।

बता दें कि ये सभी तब्‍लीगी जमात के लोग रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में रह रहे थे। राज्‍य में कोरोना वायरस के शुरू होने के दौरान ये सभी यहां छि‍पे हुए थे। लॉकडाउन लागू होने और शारीरिक दूरी का पालन करने के सरकार के निर्देश क बावजूद ये लोग एक साथ रह रहे थे।

Edited By: Alok Shahi