रांची, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुखिया के सहयोग से गांवों के विकास का खाका खींचा है। उन्होंने मंगलवार को जहां गांवों को शहरों की तरह चमकाने को लेकर कई घोषणाएं कीं, वहीं हाल के दिनों में नाराज चल रहे मुखिया को मनाने के लिए उनके लिए तोहफों की झड़ी भी लगा दी। उन्होंने गांवों के विकास के लिए शुरू हो रही तीन बड़ी योजनाओं के संचालन मुखिया के माध्यम से ही कराने की घोषणा भी की।

विकास की गंगा घर-घर तक पहुंचे यही है सरकार का संकल्‍प
धुर्वा के नेहरू स्टेडियम में ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में राज्य भर के मुखिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, झारखंड में विकास की गंगा गांव-गांव, घर-घर और हर दरवाजे पर पहुंचे यह सरकार का संकल्प है। इसके लिए सभी गांवों में डीप बो¨रग और टंकी के माध्यम से टैप से घरों में पानी पहुंचाई जाएगी।

1200 आदिवासी गांवों में शुरू होगी योजना
राज्य बजट से 1200 आदिवासी गांवों में यह योजना शुरू होगी, जबकि 14वें वित्त आयोग की राशि से गैर आदिवासी गांवों में यह योजना चलेगी। उन्होंने एक साल के अंदर हर घर में पीने का पानी पहुंचाने का दावा करते हुए कहा कि अब किसी भी मां, बहन को हैंडपंप पर लाइन लगानी नहीं पड़ेगी। किसी को नदी-नाला का पानी पीने की मजबूरी नहीं होगी। सभी गांवों में एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी उन्होंने कहा गांव भी शहरों की तरह चकाचौंध दिखे इसके लिए सभी गांवों में एलइडी के स्ट्रीट लाइट लगाए जाएंगे। ये सारे कार्यक्रम मुखिया द्वारा किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस सम्मेलन में मुखिया पर विभिन्न आरोपों में की गई कार्रवाई वापस लेने का भी आश्वासन दिया। उनसे छीनी गई वित्तीय शक्तियां भी लौटाई जाएंगी। इसके लिए पंचायती राज सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यों की कमेटी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मुखिया के विरुद्ध कोई बड़ी वित्तीय अनियमितता है या कोर्ट में मामला है तो ऐसी स्थिति में विधि विभाग से राय ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाने-अनजाने में किसी से गलती होती है तो इसे माफ किया जाना चाहिए। बार-बार की गलती ही जानबूझकर होती है।

मुख्यमंत्री ने मुखिया संघ की सभी मांगों पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मनरेगा में मुखिया को पांच लाख रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति का अधिकार देने, रांची में मुखिया भवन का निर्माण कराने, इसके लिए मुफ्त जमीन देने तथा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न विभागों द्वारा दिए गए अधिकारों का पालन कराने का भी भरोसा दिलाया।

मुखिया बना सकेंगे पेबर ब्लॉक से सड़कें
मुख्यमंत्री ने सभी गांवों के टोलों में पेबर ब्लॉक से सड़कें बनाने की योजना की भी घोषणा की। इससे वर्षा के पानी का भी संरक्षण होगा। मुखिया को इसके लिए न तो प्राक्कलन बनवाना होगा न ही कोई प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वे अपने स्वविवेक से जरूरत के अनुसार ऐसी सड़कों का निर्माण करा सकेंगे। उन्होंने मौके पर ही सभी बीडीओ को 14वें वित्त आयोग के पैसे बिना लाग-लपेट के मुखिया को जारी करने का निर्देश दिया ताकि 15 दिनों में मुखिया फेबर ब्लॉक से सड़कें बनाने का काम शुरू कर सकें। एक सप्ताह में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति सम्मेलन में मुखिया संघ ने राज्य वित्त आयोग के गठन की भी मांग की थी ताकि वे अपने कार्य सही ढंग से कर सकें। इसपर मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति की घोषणा की।

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