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कभी गिनी-चुनी ट्रेनों पर निर्भर था पलामू, अब देश के बड़े शहरों तक सीधी पहुंच; फिर भी दक्षिण भारत की ट्रेन का इंतजार

Published: Wed, 04 Nov 2026 09:05 AM (IST)

झारखंड गठन के बाद पलामू का रेल नेटवर्क काफी विकसित हुआ है, जिससे यह जिला अब दिल्ली, मुंबई और कोलकाता ...और पढ़ें

झारखंड गठन के बाद पलामू के रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव।

झारखंड गठन के बाद पलामू के रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव।

HighLights

  1. झारखंड गठन के बाद पलामू के रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव।

  2. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों से जुड़ा जिला।

  3. अमृत भारत स्टेशन योजना से बदलेगी डालटनगंज स्टेशन की तस्वीर।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड गठन के बाद पलामू के रेल नेटवर्क में उल्लेखनीय बदलाव आया है। कभी गिनी-चुनी ट्रेनों पर निर्भर रहने वाला जिला आज देश के कई प्रमुख शहरों से रेल मार्ग के जरिए जुड़ चुका है। नई ट्रेनों के परिचालन और रेल संपर्क के विस्तार से पलामू की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

इसका सीधा लाभ शिक्षा, रोजगार, व्यापार और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले लोगों को मिल रहा है। हालांकि, रेल सुविधाओं के विस्तार के बावजूद क्षेत्र की कई अपेक्षाएं अब भी अधूरी हैं।पलामू के रेल नेटवर्क का प्रमुख केंद्र डालटनगंज रेलवे स्टेशन है। धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन से पैसेंजर, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का परिचालन होता है।

झारखंड गठन के बाद इस रेलखंड से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों की शुरुआत हुई। इनमें रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस, रांची-बनारस एक्सप्रेस, रांची-चोपन एक्सप्रेस, रांची-सासाराम इंटरसिटी, कोलकाता-अहमदाबाद, संतरागाछी-अजमेर और विशाखापत्तनम-बनारस एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इनके परिचालन से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिले हैं।

अब पलामू का रेल संपर्क दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जयपुर और विशाखापत्तनम जैसे महानगरों के साथ-साथ वाराणसी, पटना, गया, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, रांची, धनबाद और टाटानगर जैसे प्रमुख शहरों तक है। जम्मू और अमृतसर सहित उत्तर भारत के कई शहरों तक भी रेल सुविधा उपलब्ध है।

रेल संपर्क के इस विस्तार से यात्रियों की आवाजाही आसान हुई है। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार और शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ावा मिला है।

आधुनिकीकरण और नई रेल परियोजनाओं से उम्मीदें

रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ डालटनगंज स्टेशन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, फुट ओवरब्रिज, व्यवस्थित स्टेशन परिसर और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

वहीं, पलामू रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन की योजना से ट्रेनों की आवाजाही और परिचालन क्षमता बढ़ने की संभावना है। आने वाले 25 वर्षों की रेल तस्वीर पर नजर डालें तो पलामू के सामने कनेक्टिविटी का एक बड़ा खाका उभरता है।

इस अवधि में सोननगर से पतरातू तक चौथी रेल लाइन, बरवाडीह-चिरमिरी रेललाइन परियोजना और कजरी से छतरपुर, नौडीहा बाजार होते हुए शेरघाटी-गया तक प्रस्तावित रेललाइन क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती हैं।

इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से पलामू का रेल संपर्क छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और बिहार के प्रमुख रेल मार्गों से और मजबूत होगा। इससे न केवल यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को भी नई गति मिल सकती है।

दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन का इंतजार

रेल सुविधाओं में सुधार के बावजूद पलामू के यात्रियों की कई मांगें लंबित हैं। खासकर दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

रोजगार, उच्च शिक्षा और बेहतर इलाज के लिए चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे शहरों की यात्रा करने वालों को अभी अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा नई ट्रेनों के परिचालन, प्रमुख ट्रेनों के ठहराव में वृद्धि और यात्री सुविधाओं के विस्तार की भी मांग है। 

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