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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Palamu Police पांच लाख का इनामी टीएसपीसी कमांडर नगीना को रिमांड पर लेगी, इन गंभीर वारदातों में रहा है शामिल

By Kanchan SinghEdited By: Kanchan Singh
Published: Mon, 20 Oct 2025 09:44 PM (IST)

पलामू पुलिस पांच लाख के इनामी टीएसपीसी कमांडर नगीना को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। नगीना हत्या और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पांच लाख का इनामी टीएसपीसी कमांडर नगीना गिरफ्तार

  2. पलामू पुलिस लेगी रिमांड पर, कई कांडों में रहा है शामिल

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। उत्तर प्रदेश एटीएस के हत्थे चढ़ा प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) का सब जोनल कमांडर नगीना अब पलामू पुलिस की रिमांड पर होगा। 

सितंबर के अंतिम पखवाड़े में यूपी एटीएस ने नगीना को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह टीएसपीसी के कथित सुप्रीमो शशिकांत के साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। झारखंड सरकार ने इस कुख्यात नक्सली पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

तीन सितंबर की मुठभेड़ का मास्टरमाइंड

गढ़वा जिले के डंडई थाना क्षेत्र के सूअरजंघा झलकी गांव का रहने वाला नगीना, तीन सितंबर को पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के केदल में हुई टीएसपीसी और पुलिस की मुठभेड़ का मुख्य आरोपी है। इस मुठभेड़ में पलामू पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे। 

घटना के बाद से ही वह फरार था। बीते 14 सितंबर को मनातू क्षेत्र में ही हुई एक अन्य मुठभेड़ में टीएसपीसी का पांच लाख का इनामी मुखदेव यादव मारा गया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों मुठभेड़  में नगीना सक्रिय भूमिका में था।

संगठन के नेटवर्क पर नकेल की तैयारी

पलामू पुलिस के लिए नगीना की रिमांड बेहद अहम मानी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में टीएसपीसी के फंडिंग नेटवर्क, सप्लाई चैन और स्थानीय सपोर्ट सिस्टम से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलेंगी। इससे झारखंड में सक्रिय नक्सली संगठनों पर अंकुश लगाने में बड़ी मदद मिलेगी।

जंगल और शहर के लिए अलग नीति

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नगीना ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने बताया कि टीएसपीसी की रणनीति जंगल और शहर के लिए अलग-अलग होती है। नगीना ने कहा कि जंगल के इलाकों में संगठन के कमांडर एके-47 और एसएलआर जैसे हथियारों से लैस रहते हैं।

जबकि शहरी क्षेत्रों में पिस्टल और सीमित गोला-बारूद का उपयोग किया जाता है। उसके मुताबिक, सुप्रीमो शशिकांत के पास एके-47, जबकि उसके पास एसएलआर थी। हर कमांडर के पास 100 से अधिक गोलियां रहती हैं।

25 से अधिक नक्सली वारदातों में रहा है शामिल

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि नगीना पर झारखंड के कई जिलों में 25 से अधिक नक्सली हमलों में शामिल होने के आरोप है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी कई मामले दर्ज हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस ने कोर्ट से नगीना को रिमांड पर लेने का आग्रह किया है, ताकि उसके नेटवर्क और गतिविधियों की गहराई से जांच की जा सके।

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