21वीं सदी में भी ऐसी सोच! बेटी पैदा हुई तो झोले में भरकर फेंकने पहुंचे दंपती, मंदिर के पास ग्रामीणों ने दबोचा
छतरपुर, पलामू में एक नवजात बच्ची को झोले में डालकर फेंकने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
छतरपुर में नवजात बच्ची को झोले में फेंकने का प्रयास।
ग्रामीणों की तत्परता से नवजात की जान बचाई गई।
मां को अस्पताल में भर्ती कर पुलिस जांच कर रही है।
संवाद सूत्र, छतरपुर (पलामू)। छतरपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे मनहू के समीप देवी मंदिर के पास एक नवजात बच्ची को झोले में डालकर फेंकने का प्रयास किया गया।
हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से नवजात की जान बच गई। ग्रामीणों ने महिला को पकड़कर इसकी सूचना मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी को दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, छतरपुर नगर पंचायत निवासी अंजू देवी (40 वर्ष), पति रवींद्र उरांव ने शुक्रवार की रात एक बच्ची को जन्म दिया था।
इसके बाद वह कथित तौर पर नवजात को झोले में रखकर करीब चार किलोमीटर दूर देवी मंदिर के समीप एक दोहर में फेंकने पहुंची थी। वहां से भागने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
घटना की सूचना मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नवजात बच्ची को अपने कपड़े में लपेटा और तत्काल छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों का इलाज किया जा रहा है।
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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