Palamu: खूंटी के डोडा चुरा से पंजाब-राजस्थान में सज रही नशे की महफिल, पोस्ता खेती का केंद्र बनता जा रहा खूंटी
झारखंड से बड़े पैमाने पर डोडा चूरा यानी पोस्ता भूसी देश के पश्चिमी राज्यों में तस्करी के माध्यम से भेजा जा रहा है। तस्करी का प्रमुख केंद्र खूंटी जिला बना है। खूंटी से डोडा चूरा ट्रकों में लोड होकर लातेहार-पालामू होते हुए औरंगाबाद में जीटी रोड पहुंचते हैं।

मृत्युंजय पाठक, पलामू: झारखंड से बड़े पैमाने पर डोडा चूरा यानी पोस्ता भूसी देश के पश्चिमी राज्यों में तस्करी के माध्यम से भेजा जा रहा है। तस्करी का प्रमुख केंद्र खूंटी जिला बना है। खूंटी से डोडा चूरा ट्रकों में लोड होकर लातेहार-पालामू होते हुए औरंगाबाद में जीटी रोड पहुंचते हैं। यहां से ट्रक पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर निकल पड़ते हैं।
बीते महीने पलामू पुलिस ने पकड़े डोडा चूरा से लदे दो ट्रक
बीते अप्रैल महीने में पलामू पुलिस ने डोडा चूरा लोड दो ट्रक पकड़े थे। ट्रक के साथ पकड़े गए ड्राइवर-खलासी ने डोडा चूरा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी पुलिस को दी है। बीते 30 अप्रैल की शाम पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने पंजाब के वाहन नंबरप्लेट वाले एक ट्रक को पकड़ा। ट्रक को रोकते ही ट्रक चालक भाग निकला लेकिन ट्रक का खलासी जसवंत सिंह पकड़ा गया। वह पंजाब के जालंधर का रहने वाला है।
32 लाख का डोडा चूरा बरामद
जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो पुलिस को ट्रक के अंदर रखी चावल की मूरी की बोरियों के नीचे करीब सोलह सौ किलो डोडा चूर बरामद हुआ। बरामद किए गये डोडा चूरा की कीमत करीब 32 लाख बताई जा रही है। सदर मेदनीनगर थाना प्रभारी गौतम कुमार के अनुसार, पूछताछ में खलासी ने बताया कि खूंटी से ट्रक जालंधर जा रहा है। हालांकि उसने अभी तक विस्तृत जनकारी नहीं दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एक पखवारा पहले भेजा जा रहा था मुज्जफरनगर
पलामू जिले के सदर मेदिनीनगर थाना क्षेत्र के चियांकी चेकपोस्ट के पास गाड़ियों की चेकिंग के दौरान 14 अप्रैल को एक ट्रक से सात क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया गया था, जिसकी कीमत 14 लाख रुपये से अधिक है। इस मामले में ट्रक मालिक शहजाद और चालक मो. फैजान को गिरफ्तार किया गया था। दोनों ने बताया था कि वह डोडा चूरा खूंटी से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ले जा रहे थे।
पोस्ता खेती का केंद्र बना खूंटी
यूं तो झारखंड के खूंटी, चतरा, पलामू, हजारीबाग, लातेहार आदि जिलों में चोरी-छुपे पोस्ता की खेती होती है। चतरा और पलामू के कई बड़े पोस्ता की खेती कराने वाले खूंटी में शिफ्ट कर गए हैं, वे खूंटी में खुद को सुरक्षित पाते हैं। ये खूंटी में डोडा की खेती कराते हैं, इसके बाद देश के पश्चिमी राज्यों में उसकी सप्लाई करते हैं।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने पोस्ता की खेती और डोडा का चूरा की बिक्री को प्रतिबंधित कर रखा है। हालांकि देश के पश्चिम और मध्य के कुछ राज्यों में कुछ किसानों को पोस्ता की खेती करने का लाइसेंस निर्गत है। झारखंड में यह प्रतिबंधित है।
पेय पदार्थों में नशे के लिए होता इस्तेमाल होता है डोडा चूरा
अफीम निकालने और बीज (खसखस) निकालने के बाद खसखस का अवशेष है। डोडा की भूसी में हल्की मॉर्फिन होती है। मॉरफीन से पीड़ा दूर होती है। पश्चिम भारत में विवाह और अन्य अवसरों पर पोस्ता भूसी मिश्रित पेय पदार्थ परोसा जाता है।
डोडा चूरा पानी में मिलाकर सामाजिक आयोजनों में स्वागत पेय के रूप में परोसा जाता है। लाइन होटलों में चाय में मिलावट की जाती है। इसके पीने से चालकों को नींद नहीं आती है। कुछ चाय दुकानदार चाय में स्वाद लाने के लिए भी मिलावट करते हैं।
पलामू के एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि वर्जन खूंटी से तस्करी के जरिए डोडा चूरा की सप्लाई पंजाब और राजस्थान में हो रही है। गुप्त सूचना पर पलामू पुलिस ने हाल में डोडा चूरा लोड दो ट्रकों को पकड़ा है। पकड़े गए ड्राइवर- खलासी से पूछताछ के आधार धार पर कार्रवाई की जा रही है।
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