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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pakur News: अव्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरीं कस्तूरबा की छात्राएं, कड़ी धूप में जाम की सड़क

By JagranEdited By: Deepak Kumar Pandey
Published: Wed, 28 Sep 2022 11:50 AM (IST)

कैराछत्तर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने बुधवार सुबह छह बजे विद्यालय के सामने मुख्य सड़क ...और पढ़ें

छात्राओं के आंदोलन की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
छात्राओं के आंदोलन की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

संवाद सूत्र, महेशपुर (पाकुड़): कैराछत्तर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने बुधवार सुबह छह बजे विद्यालय के सामने मुख्य सड़क पर बैठ कर सड़क जाम कर दिया। आंदोलन कर रहीं छात्राएं हमारी मांगें पूरी करो, डीसी साहब को बुलाया जाए समेत अन्य नारे लगा रही थीं। सड़क जाम करने के कारण महेशपुर-गुम्मामोड़ मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

वार्डन करती हैं दुर्व्‍यवहार, डेढ़ किलोमीटर दूर जाते हैं नहाने

विद्यालय की छात्राएं तेज धूप में ही सड़क पर बैठी रहीं। छात्राओं की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर छाया की। आंदोलन कर रही किरण कुमारी, गुड़िया मिर्धा, रेहीना खातून, शबनम खातून, अलसना बेसरा, नाजमा खातून, अमीना खातून, स्टेनशीला मुर्मू, शिल्पा भुईमाली, सीमा मुर्मू समेत अन्‍य छात्राओं ने बताया कि कुछ दिन से विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह से ठप है। पेयजल की गंभीर समस्या है। छात्राओं को नहाने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर नदी में जाना पड़ता है। पीने का पानी भी बगल की झील से लाना पड़ता है। वार्डन सुषमा एक्का द्वारा छात्राओं के साथ हमेशा दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्राओं को मिलने वाला महीने का सामान भी उपलब्ध नहीं करवाया जाता है। खासकर किताब, कॉपी एवं कलम के अलावे अन्य सामान समय पर नहीं दिया जाता है। विद्यालय के शिक्षक छात्राओं को पढ़ाने की बजाय कुर्सी तोड़ते रहते हैं।

वार्डन कहती हैं- यहां खाने आई हो या पढ़ने?

छात्राओं ने आरोप लगाया कि कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं को पढ़ाने के बाद कहने पर शिक्षक ध्‍यान नहीं देते। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता है। गुणवत्तापूर्ण भोजन मांगने पर वार्डन कहती हैं कि तुम पढ़ने आई हो या खाने आई हो? शाम में पढ़ने के समय में बिजली काट दी जाती है। मांगों को लेकर छात्राएं सड़क पर बैठी रहीं।

इधर, सड़क जाम की सूचना मिलने पर सुबह आठ बजे बीईईओ तरुण कुमार घाटी, थाना प्रभारी सुनील कुमार रवि, जेएसआइ आनंद पंडित, एएसआइ शिवानंद प्रसाद पुरुष एवं महिला पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे। यहां सड़क जाम कर रहीं छात्राओं को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्राएं डीसी को बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। कुछ देर बाद डीएसई मुकुल राज, कस्तूरबा की जिला प्रभारी शबनम तबस्सुम जामस्थल पर पहुंचीं और छात्राओं की मांग अविलंब पूरी करने का आश्‍वासन दिया। विद्यालय में पठन-पाठन को लेकर अविलंब नए शिक्षक प्रतिनियुक्त करने का आश्‍वासन दिया। तब जाकर छात्राओं ने सड़क जाम हटाया।