सोने-चांदी के भाव में उठापटक से बिगड़ा कारोबार का गणित, स्टॉक लगाने से कतरा रहे पाकुड़ के सराफा कारोबारी
Gold Silver Price: धनतेरस की रौनक के बीच सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने पाकुड़ के सराफा कारोबारियों की चिंता ...और पढ़ें

पाकुड़ में धनतेरस को लेकर बर्तन की दुकानों पर सजी आकर्षक रौनक। (फोटो जागरण)
HighLights
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कारोबार प्रभावित।
सराफा कारोबारी बड़े स्टॉक लगाने से बच रहे हैं।
ग्राहक भाव पूछकर खरीदारी टाल रहे, बिक्री धीमी।
भारतेंदु त्रिवेदी, पाकुड़। धनतेरस की आहट के साथ बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानें सज चुकी हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, मौसमी दुकानों की कतार और आकर्षक सजावटी सामानों से बाजार का नजारा बदलने लगा है।
इलेक्ट्रानिक्स दुकानों में ग्राहकों को लुभाने के लिए आफरों की भरमार है तो बर्तन, दीये और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारी की तैयारी तेज हो गई है।
लेकिन बाजार की इस चकाचौंध के बीच सराफा कारोबारियों के सामने अलग ही चुनौती है। सोने-चांदी की कीमतों में लगातार हो रही उठापटक ने धनतेरस के कारोबार का पूरा गणित उलझा दिया है। पर्व पर अच्छी बिक्री की उम्मीद तो है, लेकिन भाव में अचानक बदलाव से होने वाले संभावित नुकसान ने कारोबारियों को सतर्क कर दिया है।
भाव में तेजी भी परेशानी, गिरावट भी नुकसान का डर
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आभूषण कारोबारियों की स्टाक नीति पर पड़ रहा है। मौजूदा भाव पर अधिक मात्रा में सोना-चांदी खरीदकर रखना उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
कीमतों में गिरावट आने पर पहले से खरीदे गए स्टाक का मूल्य प्रभावित होता है, जबकि तेजी आने पर नया स्टाक मंगवाना महंगा पड़ता है। यानी भाव में तेजी हो या गिरावट, दोनों ही स्थितियों में कारोबारियों को नुकसान की आशंका सता रही है।
यही वजह है कि इस बार कारोबारी बड़े पैमाने पर स्टाक जमा करने के बजाय ग्राहकों की मांग के अनुसार सीमित मात्रा में आभूषण मंगवा रहे हैं। उनकी कोशिश है कि दुकान में पसंद के आभूषण उपलब्ध रहें और पूंजी भी अधिक समय तक स्टाक में न फंसे।
दुकानों तक पहुंच रहे ग्राहक, भाव पूछकर लौट रहे
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। ऐसे में सराफा कारोबारियों को इस पर्व से बेहतर कारोबार की उम्मीद रहती है। हालांकि, इस बार बढ़ती कीमतों और बाजार की अनिश्चितता ने ग्राहकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
कई ग्राहक आभूषण दुकानों तक पहुंचकर सोने-चांदी का भाव पूछ रहे हैं और खरीदारी का निर्णय बाद के लिए टाल रहे हैं। कुछ ग्राहक कीमतों में गिरावट आने का इंतजार कर रहे हैं।
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सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव से कारोबार की योजना बनाना मुश्किल हो गया है। धनतेरस को देखते हुए स्टाक रखना जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में खरीदारी करना जोखिम भरा है। अचानक भाव गिरने से पुराने स्टाक की कीमत प्रभावित होती है। ऐसे में पूंजी लगाने के साथ नुकसान की आशंका भी बनी रहती है।
अमित बर्मन, हाटपाड़ा, सोना व्यवसायी
इस बार स्टाक को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत के हिसाब से ही आभूषण मंगवाए जा रहे हैं। कारोबारियों के सामने चुनौती यह है कि ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए सामान उपलब्ध रहे और अधिक पूंजी स्टाक में न फंसे। पुराने स्टाक पर भाव में अचानक गिरावट का असर पड़ता है।
पार्थो कर्मकार, हरिणडांगा बाजार
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी की परंपरा रही है, लेकिन बढ़ते भाव के कारण ग्राहक भी खरीदारी से पहले कीमतों का आकलन कर रहे हैं। कई ग्राहक भाव पूछकर लौट जा रहे हैं। इस बार कारोबार बाजार की कीमतों और ग्राहकों के खरीदारी संबंधी फैसले पर निर्भर करेगा।
विवेक बर्मन, सोना व्यवसायी, बिरसा चौक
सोने-चांदी के भाव में तेजी आने पर नया स्टाक महंगा पड़ता है और गिरावट आने पर पहले से रखे स्टाक का मूल्य प्रभावित होता है। दोनों ही स्थितियां कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। ग्राहक भी फिलहाल भाव का आकलन कर रहे हैं और कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
मिठू कर्मकार, हाटपाड़ा
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