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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Latehar News: मेले का चाउमीन खाना बना जी का जंजाल, 32 बच्चे हुए गंभीर रूप से हुए बीमार

Published: Thu, 18 Sep 2025 02:07 PM (IST)

लातेहार के जड़ियांग गांव में जतरा मेला में चाउमीन खाने से 32 बच्चे बीमार हो गए। उल्टी और दस्त की ...और पढ़ें

जतरा मेला में चाउमीन खाने से 32 बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार। फोटो जागरण
जतरा मेला में चाउमीन खाने से 32 बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार। फोटो जागरण

HighLights

  1. जतरा मेले में चाउमीन खाने से 32 बच्चे बीमार |
  2. तत्काल अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर |
  3. पुलिस ने चाउमीन विक्रेता को हिरासत में लिया |

जागरण संवाददाता, लातेहार। सदर थाना क्षेत्र के जड़ियांग गांव में बीती देर शाम जतरा मेला के दौरान चाउमीन खाने से 32 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। जानकारी के अनुसार बच्चों ने मेला में जाकर चाउमीन का सेवन किया था, घर पहुंचते ही उल्टी और दस्त की समस्या शुरू हो गई।

बच्चों की स्थिति गंभीर होता देख स्वजनों ने इसकी सूचना लातेहार सिविल सर्जन को दी। सिविल सर्जन की तत्परता से तत्काल सभी बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल लातेहार लाया गया, जहां चिकित्सक डा. जेपी शर्मा, सुनील कुमार भगत व डॉ. सीमा रानी ने सभी गंभीर रूप से पीड़ित सभी का इलाज शुरू किया।

इलाज मिलने पर सभी बच्चों की हालत नियंत्रित है। बताया जा रहा है कि जितिया पर्व के बाद गांव में ऐतिहासिक जतरा मेला लगता है, जिसे देखने आसपास के लोग यहां पहुंचते हैं। इस दौरान गांव में कई छोटी छोटी दुकानें भी लगाई जाती हैं, जहां लोग खाने पीने के साथ अन्य सामग्री की खरीदारी करते हैं।

सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन हुए सतर्क

मामले की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन सतर्क हो गया। इस दौरान सिविल सर्जन व उपाधीक्षक की देखरेख में सभी बच्चों को इलाज करवाया गया।

इलाज के दौरान सिविल सर्जन और अस्पताल उपाधीक्षक ने भी कई बच्चों का खुद से इलाज किया और चिकित्सकों के साथ अन्य कर्मियों को कई निर्देश भी जारी किए।

सदर अस्पताल पहुंचकर बच्चों का लिया हालचाल 

फूड प्वाइजनिंग के शिकार होने के बाद बच्चों के स्वजन से समाजसेवी अशोक प्रसाद उर्फ बुट्टा समेत कई लोगों ने सदर अस्पताल पहुंचकर बच्चों के बारे में जानकारी ली। इधर पूछे जाने पर डा. सुनील कुमार भगत ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है।

उन्होंने कहा कि छात्रों को फूड प्वाइजनिंग होने की वजह से स्थिति गंभीर हुई थी। समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रित हो गई। उन्होंने वर्तमान में बरसात के मौसम को लेकर लोगों से विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है।

पानी को उबालकर पीने और स्वच्छ भोजन का सेवन करने के साथ बासी खाने से परहेज करने को कहा है। चिकित्सक ने कहा कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी पर तत्काल अस्पताल आकर इलाज कराना चाहिए।

फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए बच्चों का नाम 

जतरा मेला में चाउमीन खाने से बीमार होने वालों में बालू गांव निवासी अनूप भगत पिता जगदीश भगत उम्र साढ़े तीन वर्ष, लातेहार निवासी अर्णो सिंह पिता अमित सिंह उम्र 5 वर्ष, टेमकी निवासी मनीषा कुमारी पिता सोमा उरांव उम्र 10 वर्ष, निशा कुमारी पिता सोमा उरांव उम्र 3 वर्ष, आयन्स कुमार पिता संदीप उरांव उम्र 3 वर्ष, मुनिका कुमारी पिता दिनेश उरांव उम्र 8 वर्ष, विमल उरांव पिता दिनेश उरांव उम्र 12 वर्ष, चांदनी कुमारी पिता जुगे उरांव उम्र 21 वर्ष है।

साथ ही पीयूष उरांव पिता जमुना उरांव उम्र 10 वर्ष, दीपशिखा कुमारी पिता संजय उरांव उम्र 8 वर्ष, प्रियांशु कुमारी पिता संजय उरांव उम्र 10 वर्ष, प्रिंस उरांव पिता ब्रजेश उरांव उम्र 8 वर्ष, राधिका उरांव पिता पितेश्वर उरांव उम्र 4 वर्ष, शिखा कुमारी पिता संतोष उरांव उम्र 9 वर्ष, अनु कुमारी पिता संतोष उरांव उम्र 5 वर्ष, सिबेक उरांव पिता संतोष उरांव उम्र 8 वर्ष, वंशराज उरांव पिता ब्रजेश उरांव उम्र 8 वर्ष है।

इसके अलावा, हर्ष उरांव पिता ब्रजेश उरांव उम्र 2 वर्ष, रौशनी कुमारी पिता नीरज उरांव उम्र 6 वर्ष, रिसिका उरांव पिता मनोज उरांव, नेहा कुमारी पिता कर्मलाल उरांव उम्र 10 वर्ष, आरोही कुमारी पिता उपेन्द्र उरांव उम्र 6 वर्ष, सोनी कुमारी पिता जयलाल उरांव उम्र 4 वर्ष, सुनैना कुमारी जयलाल उरांव उम्र 10 वर्ष समेत 32 बच्चों का नाम शामिल है।

इधर मामले की सूचना पर लातेहार थाना पुलिस संबंधित चाउमीन विक्रेता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।