यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समय पर नहीं मिल सका वाहन, दर्द से तड़पकर मर गई छात्रा
समय पर वाहन नहीं मिल पाने के कारण छात्रा की दर्द से तड़पकर मौत हो गई। घटना झारखंड के खूंटी की है।

जागरण संवाददाता, खूंटी। सरकार के लाख प्रयास के बाद भी व्यवस्थागत खामियों ने एक बार फिर एक मासूम छात्रा की जान ले ली। इस बार खूंटी के कस्तूरबा स्कूल की एक छात्रा इन खामियों की भेंट चढ़ गई। खूंटी के कालामाटी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की नौवीं की छात्रा चंपा नाग (15) को अचानक रविवार की रात सीने में दर्द शुरू हुआ।
इसके बाद पेट में भी असहनीय दर्द होने लगा। छात्राओं ने इसकी सूचना वार्डेन अजीजा मोतिन को दी। वह छात्रा के कमरे में पहुंची तो छात्रा दर्द से छटपटा रही थी। उसने तुरंत मुखिया हरमन टोप्पो को फोन कर घटना की जानकारी दी और वाहन का इंतजाम करने को कहा। मुखिया तत्काल छात्रावास पहुंचे और वाहन की खोज करने लगे। रात होने के कारण कहीं कोई वाहन नहीं मिला। करीब डेढ़ घंटे बाद एक ऑटो चालक को मुश्किल से जगाकर उसे वाहन सहित स्कूल लाया गया।
आनन-फानन में वाहन से छात्रा को लेकर लोग सदर अस्पताल पहुंचे। लेकिन, असहनीय पीड़ा से उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने भी मौत की पुष्टि कर दी। खास यह कि कस्तूरबा विद्यालय के लिए सांसद कडि़या मुंडा ने एक एम्बुलेंस तो उपलब्ध कराया है लेकिन इस एम्बुलेंस में चालक ही नहीं है। यदि इस एम्बुलेंस का चालक होता तो शायद इस बच्ची की जान बच जाती। यह भी उल्लेखनीय है कि पूरे जिले में कस्तूरबा स्कूल की संख्या पांच है और एंबुलेंस मात्र एक।
मौत के कारण का अब तक खुलासा नहीं
छात्रा की जिन परिस्थितियों में मौत हुई है उसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इसका खुलासा संभव है।
15 दिन पहले ही आई थी छात्रावास
इसी माह विद्यालय में नौवीं कक्षा में सीटों की संख्या पचास से बढ़ाकर 75 की गई थी। छात्रा का नामांकन बढ़ी हुई सीट पर ही हुआ था। 11 अगस्त से ही वह छात्रावास में रह रही थी।
यह भी पढ़ेंः गढ़वा में पुलिस ने झामुमो नेताओं को किया नजरबंद
