मिहिजाम (जामताड़ा) : मिहिजाम थाना क्षेत्र के गोराईनाला ग्राम के चड़का पहाड़ी स्थित मां चड़का देवी सिद्ध स्थल मंदिर में दो दिवसीय पूजा रविवार को आरंभ हो गई है। पूजा को लेकर ग्राम सहित आसपास के श्रद्धालुओं का जमावड़ा सुबह से मंदिर परिसर में लगने लगा। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली लेकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। इस दौरान मंदिर परिसर में केवल मां की पूजन सामग्री में मिट्टी के घड़े, बताशा, फूल की दुकान लगाई गई। इस वर्ष मंदिर में पूजा के दौरान मेला नहीं लगा। इससे श्रद्धालुओं में मायूसी रही।

पूजा समिति सदस्य सह लाइसेंस धारी परिमल मंडल ने बताया कि जिला में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रभाव व सरकार के कोविड नियमों को ध्यान में रख मेला को स्थगित कर दिया गया है। बताया कि केवल मां चड़का देवी की परंपरागत पूजा में कोविड 19 के लिए सरकार लागू नियम का अनुपालन किया जा रहा है। पूजा में शारीरिक दूरी व मास्क अनिवार्य किया गया है। पूजा के दौरान कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए समिति के सदस्य मनोज दत्त, कृति मंडल भूषण, संजीत मजूमदार, गौतम मंडल, सौकत मजूमदार, राहुल मंडल, जयंतो दत्त का योगदान रहा। गौरतलब हो कि मां चड़का देवी पूजा पिछले तीन सौ वर्ष से हो रही है। संताली, मुस्लिम, हिदू सहित कई धर्म माननेवाले लोग पूजा करने आते हैं। क्षेत्र के अलावा पश्चिम बंगाल व बिहार से भी कई श्रद्धालु मां की पूजा के लिए यहां पहुंचते थे। मां की पूजा के दूसरे दिन-पशु पक्षी की बलि देने की प्रथा का निर्वहन किया जाता है। मान्यता है कि मां चड़का देवी घोड़े पर सवार होकर गांव के चारों ओर भ्रमण करती हैं और गांव के निवासियों की रक्षा करती है। चड़का देवी मां काली का स्वरूप मानी जाती है।