जामताड़ा : मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना के तहत स्वीकृति प्राप्त 5000 लाभुकों को डाकघर में जमा राशि से संबंधित 20210 राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) वितरण की प्रक्रिया जिले में बाल विकास परियोजना के माध्यम से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ 15 नवंबर 2011 में हआ था। यह योजना 30 दिसंबर 2017 को बंद हुई। इसके बाद इस योजना को रूपांतरित करते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना नामित किया गया। अब वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 16-17 तक मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना के तहत स्वीकृति प्राप्त सभी लाभुकों को राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है।

---तीन प्रखंडों को बंटा, शेष तीन प्रखंडों में सोमवार से : लाभुक प्राप्त राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र को सुरक्षित कब तक रखेंगे जब तक स्वीकृति प्राप्त लड़की की उम्र 18 वर्ष व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण न हो जाए। उम्र 18 वर्ष पूरा होने व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के उपरांत प्राप्त राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र बाल विकास योजना के माध्यम से उपायुक्त लाभुकों के नाम डाकघर में जमा राशि विमुक्त करने की अनुमति देंगे। शुक्रवार को जिले के जामताड़ा करमाटांड़ व नारायणपुर प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालय से राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र लाभुकों के बीच वितरण कार्य शुरू हुआ। सोमवार से शेष तीन प्रखंडों नाला, कुंडहित व फतेहपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय से बचत प्रमाणपत्र वितरण कार्य शुरू होगा।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सविता कुमारी ने बताया सभी प्रखंड परियोजना कार्यालय को लाभुकों के बीच वितरण के लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया गया है। तीन परियोजना कार्यालय में वितरण शुरू हुआ। शेष तीन परियोजना कार्यालय में सोमवार से वितरण होगी। वितरण कार्य में वर्ष वार स्वीकृत लाभुक को प्राथमिकता दी गई है। सबसे पहले पिछले वर्ष 2011-12 में स्वीकृति मिली लाभुकों के बीच वितरण किया जाएगा। इसके उपरांत वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14, फिर 14 15, 15-16 व 16-17 का वितरण किया जाएगा ताकि कोई भी लाभुक राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र से वंचित नहीं रहे।

--- क्या है योजना

-15 नवंबर 2011 को लागू हुई मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना

-इस तिथि के एक साल पहले तक जन्मी बच्चियां होंगी योजना की लाभुक

-बीपीएल व एपीएल में 75 हजार से कम आयवाले व्यक्ति की बेटी होगी चयनित

-ऐसी ही बच्ची होंगी शामिल जिनका जन्म संस्थागत हुआ हो

-जन्म के वर्ष से लगातार पांच साल तक प्रति वर्ष छह हजार की दर से कुल 30 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा जमा किए गए थे, डाक जमा योजना में

-लाभुक बालिका की कक्षा छह में प्रवेश पर दो हजार का भुगतान, कक्षा नौ में प्रवेश पर चार हजार, 11वीं में प्रवेश पर 7500 रुपये का एकमुश्त भुगतान होगा

-11वीं व 12वीं कक्षा में प्रति माह 200 रुपये छात्रवृत्ति, 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने पर 1,08,600 रुपये का एकमुश्त भुगतान होगा।

--- सरकार की क्या है योजना : योजना के लिए चयनित कन्या के नाम पर सरकार पांच वर्ष तक लगातार छह-छह हजार रुपये फिक्स डिपोजिट करती है। जो परिपक्व होकर कन्या की शादी के समय कुल 1 लाख 08 हजार 600 रुपये हो जाते हैं।

Edited By: Jagran