विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जामताड़ा के रणचापड़ में कृषक पाठशाला, किसानों को मिली वैज्ञानिक खेती और मृदा संरक्षण की जानकारी

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:46 PM (IST)

Jamtara News: कुंडहित में कृषक पाठशाला का आयोजन हुआ, जहां किसानों को मृदा संरक्षण, वैज्ञानिक खेती और सरसों की श्री विधि से खेती की जानकारी दी गई।

रणचापड़ गांव में कृषक पाठशाला मेंं किसानों को दी गई कृषि तकनीक की जानकारी। (सांकेतिक फोटो)

रणचापड़ गांव में कृषक पाठशाला मेंं किसानों को दी गई कृषि तकनीक की जानकारी। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. किसानों को मृदा संरक्षण और वैज्ञानिक खेती के गुर सिखाए गए।

  2. सरसों की श्री विधि से खेती पर विशेष जोर दिया गया।

  3. किसानों को अनुदान पर बीज और मुफ्त सरसों बीज मिले।

संवाद सहयोगी, कुंडहित (जामताड़ा)। झारखंड के जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड की बाबूपुर पंचायत के रणचापड़ गांव में कृषक पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को मृदा संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सरसों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की जानकारी देते हुए श्री विधि अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर फसल का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

केवल यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल से मिट्टी की पोषक जरूरतें पूरी नहीं होती हैं, बल्कि फसल के बेहतर विकास के लिए फास्फोरस सहित अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग भी जरूरी है।

प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) सुजीत कुमार ने भी किसानों को वैज्ञानिक एवं श्री विधि से खेती करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरी मंडल ने कहा कि रासायनिक खाद के अत्यधिक इस्तेमाल से खेतों की मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है।

इससे बचने के लिए किसानों को अधिक से अधिक गोबर और कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। खेतों में पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ नहीं डालने चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते मृदा संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने किसानों को एक ही खेत में साल में तीन से चार फसलें लेकर उत्पादन और आमदनी बढ़ाने की सलाह दी। कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। उनके परिश्रम से ही खाद्यान्न की जरूरतें पूरी होती हैं।

इस अवसर पर बाबूपुर लैम्पस में किसानों के बीच गेहूं और मसूर के बीज का 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरण किया गया। वहीं, करीब 25 किसानों को मुफ्त सरसों बीज उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य रीना मंडल, प्रमुख रामकिशोर मुर्मू, पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरी मंडल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनोरंजन मिर्धा, बीटीएम सुजीत कुमार, एटीएम अमीर हेब्रम सहित किसान मंटू किस्कू, धीरेन टुडू, मदन सिंह टुडू, चुंडा टुडू, सुभाष मुर्मू, गणेश टुडू, काजल मरांडी, समीर टुडू, बलदेव मरांडी और वीरू किस्कू समेत अन्य किसान उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें- छठ पर घर जाने का हो गया इंतजाम, बंगाल से यूपी-बिहार और झारखंड के लिए चलेंगी 3 स्पेशल ट्रेनें 

यह भी पढ़ें- The Great Khali बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर! मंत्री इरफान अंसारी ने जामताड़ा आने का दिया न्योता

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।