जामताड़ा, जागरण टीम: बीरभूम जिला से सटे कुंडहित प्रखंड के खजुरी दुर्गामंदिर में साढ़े चार सौ वर्षो से पूजा की परंपरा है। खजुरी सहित आसपास के 16 गांव के लोग खजुरी दूर्गा मंदिर में पूजा करते हैं। इस क्षेत्र के लोग खजुरी दुर्गा माता को कोर्ट जज के नाम से जानते है। गांव तथा आसपास के गांवों में कुछ घटना घटित होने के बाद दुर्गा मां के मंदिर में मामले का निपटारा किया जाता है। सच का साथ दिया तो सही नहीं तो दो-तीन के अंदर सजा मिल जाती है।

खजुरी गांव के पूजा कमेटी के अध्यक्ष अमल सिंह व अभय सिंह, अशोक सिंह शांति राय, प्रभात सिंह, विश्वजीत सिंह व जालिम सिंह ने बताया क‍ि खजुरी गांव में साढ़े चार सौ साल से वैष्णवी रूप से मां दुर्गा की पूजा होती है। यहां सप्तमी के दिन कलश स्थापना से लेकर दशमी पूजा कलश विसर्जन तक चार दिनों तक क्षेत्र में लोग निरामिष भोजन करते हैं।

इस दौरान गांव में मेला जैसे उत्सवी वातावरण बना रहता है। शाम को पूजा स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। माता का यह मंदिर कुंडहित-राजनगर मुख्य मार्ग पर प्रखंड मुख्यालय से दस किलोमीटर की दूरी पर खजुरी गांव में अवस्थित है। गांव के बीच में मां दुर्गा का मंदिर स्थित है।

मंदिर पहुंचने के कुंडहित से सुबह व दोपहर में बडी बस चलती है शेष समय छोटे वाहन कुंडहित-राजनगर जानेवाले वाहन से खजुरी मोड़ पर उतर कर मंदिर पहुंचा जा सकता है।

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN