जमशेदपुर : विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर आपको एक ऐसे ब्लड ग्रुप के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती है। जी हां, इस ब्लड ग्रुप का नाम गोल्डन ब्लड ग्रुप है, जो हीरा से भी ज्यादा महंगा है। जिसे शायद ही खरीदा जा सकता है।

दरअसल, अभी तक आपने ए, बी, एबी पॉजिटिव, ओ, एबी निगेटिव....सहित अन्य ब्लड ग्रुप का नाम सुना होगा, जो अधिकांश लोगों को जरूरत पड़ती है लेकिन, कुछ ऐसे भी ब्लड ग्रुप होते हैं, जो काफी दुर्लभ होते हैं। इसमें एक बांबे ब्लड ग्रुप भी होता है, जो काफी दुर्लभ माना जाता है। पूरे झारखंड में सिर्फ जमशेदपुर में ही आठ बांबे ब्लड ग्रुप के लोग हैं, जिनकी मांग देशभर से होती है। इन राज्य के लिए अनमोल है। देश के कई राज्यों से इनकी मांग होती है। ये डोनर यूपी, मध्यप्रदेश, बंगाल, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में जाकर खून देने का काम करते हैं।

गोल्डन ब्लड ग्रुप का असल नाम RH Null है

गोल्डन ब्लड ग्रुप के पूरे दुनिया में सिर्फ 43 लोग ही है। ऐसे में यह कितना दुर्लभ है, इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं। ये ग्रुप वाले ब्राजील, कोलंबिया, जापान, आयरलैंड और अमरीका के रहने वाले हैं। दरअसल, गोल्डन ब्लड ग्रुप का नाम आरएच नल है लेकिन शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने इसका नाम बदलकर गोल्डन ब्लड ग्रुप रख दिया। कारण कि यह बहुत ही रेयर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें एंटीजन नहीं पाया जाता है। यह खून किसी भी ब्लड ग्रुप वाले को चढ़ाया जाए तो शरीर इसे स्वीकार कर लेगा। जबकि सामान्य ब्लड ग्रुप में ऐसा नहीं होता है। अगर किसी को ब्लड चढ़ाना होता है तो उसे सेम ग्रुप का ब्लड चाहिए। तभी शरीर को स्वीकार कर पाता है।

गोल्डन ब्लड ग्रुप वाले को एनीमिया का अधिक खतरा

यूएस रेयर डिसीज इंफॉर्मेशन सेंटर के अनुसार, गोल्डन ब्लड ग्रुप वाले को एनीमिया का खतरा अधिक होता है। ऐसे में इन्हें अपने सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। चिकित्सक उन्हें खान-पान पर विशेष जोर देने को कहते हैं। खासकर आयरन वाली चीजें ज्यादा खाने को कहते हैं। एनीमिया एक खून की बीमारी ही है। शरीर में खून की कमी होने की वजह से एनीमिया की बीमारी होती है।

Edited By: Jitendra Singh